नेपाल पहुंचा यूपी के दशहरी का स्वाद, लखीमपुर खीरी से 10 टन आम की पहली खेप रवाना
लखनऊ, अमृत विचार : लखनऊ के रहमान खेड़ा में संचालित मैंगो पैक हाउस के माध्यम से सोमवार को आम का निर्यात नेपाल से शुरू हुआ। बहराइच के निर्यातक शराफत हुसैन ने 10 टन लखीमपुर खीरी के पलिया का आम पैक हाउस में प्रोसेसिंग कराकर देर रात नेपाल भेजा। हालांकि इस बार आंधी और बारिश की वजह से मलिहाबादी दशहरी समय पर तैयार नहीं हो सका और निर्यात लेट हो गया है।
निर्यातक शराफत हुसैन ने बताया कि पलिया फल पट्टी में दशहरी आम तैयार होने पर 10 टन खरीदकर मैंगो पैक हाउस में हॉट वाटर ट्रीटमेंट कराकर नेपाल पहली खेप भेजी है। आम 40 रुपये किलो के हिसाब से बेचा है। मलिहाबाद व उससे लगे फल पट्टी बेल्ट में आम तैयार नहीं हुआ है। जो आने पर नेपाल दूसरी खेप भेजेंगे। पैक हाउस के संचालक अमित अग्रवाल ने बताया कि लखनऊ समेत अन्य जगह आम तैयार नहीं हुआ है। इस वजह से खाड़ी देश समेत अन्य देशों में निर्यात लेट हो गया है। निर्यातकों ने प्रोसेसिंग के आर्डर दे रखे हैं। एक दो दिन में आम आने पर 5 जून से निर्यात होने लगेगा।
डाल का पका आम भी हुआ लेट
इस बार डाल का पका आम भी 1 जून से बाजार में नहीं आया। मलिहाबाद, माल, काकोरी, बीकेटी समेत अन्य क्षेत्र में दशहरी तैयार नहीं हुआ। जबकि 1 जून से बिक्री शुरू होकर बाजार में आम बिकने लगता है और बाहरी राज्यों से खरीदार शुरू हो जाती है। मलिहाबाद हाईवे और विशिष्ट मंडी के अंदर आढ़तों पर सन्नाटा छाया रहा, जबकि आढ़तियों ने खरीदारी की पूरी तैयारी कर रखी थी। न के बराबर एक दो कैरेट ही आम आया।
हाईवे से नहीं हटी अवैध आम मंडी
मलिहाबाद में हरदोई-लखनऊ हाईवे पर अवैध आम मंडी पूरी तरह से सज गई। कुछ आढ़तियों ने कारोबार भी शुरू कर दिया है। वाहनों का आनाजाना लगा रहता है। इससे जाम लगता है। प्रशासन और मंडी समिति के तमाम प्रयास और चेतावनी के बाद भी आढ़तियों ने हाईवे से मंडी नहीं हटाई है और कारोबार करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। प्रशासन अवैध मंडी हटाने के लिए कई वर्ष से प्रयास कर रहा है। कारोबार के लिए करोड़ों की वातानुकूलित विशिष्ट मंडी भी बनाई। लाइसेंस, दुकानें व टीनशेड दिए हैं। फिर भी कारोबार हाईवे से करेंगे।
