Hamirpur Bridge Collapse Update: पुल हादसे की जांच के लिए दो उच्च स्तरीय समितियां गठित, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी 

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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हमीरपुरः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल के सेगमेंटल स्पैन ढहने की घटना की जांच के लिए दो अलग-अलग उच्च स्तरीय समितियां गठित की हैं। अधिकारियों का दावा है कि समितियों ने जांच शुरू कर दी है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि जिला प्रशासन की तीन सदस्यीय समिति, जिसके अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) हैं, घटना के प्रशासनिक, तकनीकी और प्रक्रियात्मक पहलुओं की जांच कर रही है। सेतु निगम की तीन सदस्यीय तकनीकी समिति निर्माण गुणवत्ता, डिजाइन, संरचनात्मक मानक, सामग्री और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करेगी। जरूरत पर सामग्री की लैब जांच भी होगी।

पीड़ित परिवार को मिली मदद

हादसे के संबंध में कुरारा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और 125(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच और समितियों की रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले छह श्रमिकों के परिवारों को सरकार ने 4 लाख की अनुग्रह राशि दी है। निर्माण कंपनी शेल्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने भी प्रत्येक परिवार को 10 लाख दिए हैं। श्रम विभाग की योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को 1.25 लाख की अतिरिक्त सहायता मिल रही है। 

प्रभावित परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, अंत्योदय राशन कार्ड, आवास और शौचालय योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है। राजेश पाल की दो बेटियों को 18 साल की उम्र तक 2,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। 

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ संवेदनशीलता से खड़ा है और पात्र सभी लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ मिलेगा। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होगा। 

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