UP News: सवालों के घेरे में आई बेलरायां क्लस्टर घोटाले की जांच टीम, मुख्यमंत्री से गुहार

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। विकासखंड निघासन के बेलरायां क्लस्टर में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गठित जांच कमेटी अब सवालों के घेरे में आ गई है। डीसी एनआरएलएम द्वारा बनाई गई जांच टीम पर पीड़ित महिलाओं ने ही गंभीर आपत्ति जताते हुए इसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।

जिनकी भूमिका संदिग्ध वही करेंगे जांच
मामले में डीसी एनआरएलएम की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी में सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) रमियाबेहड़ अनुज कुमार अवस्थी, फूलबेहड़ के अनुराग पांडेय तथा निघासन के प्रभारी सहायक विकास अधिकारी राकेश कुमार को शामिल किया गया है, लेकिन जांच कमेटी के गठन के साथ ही पीड़ित महिलाओं में असंतोष फैल गया। महिलाओं का कहना है कि जिन अधिकारियों के कार्यकाल में कथित वित्तीय गड़बड़ियां हुईं, उन्हीं के अधीन जांच कराना पूरी तरह पक्षपातपूर्ण और औपचारिकता मात्र प्रतीत हो रहा है।

मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज की शिकायत
आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों की भूमिका पहले से ही संदेह के घेरे में है। ऐसे में उन्हीं के विभागीय तंत्र से जुड़े अधिकारियों द्वारा जांच किए जाने से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद लगभग खत्म हो गई है। जांच टीम में निघासन के प्रभारी सहायक विकास अधिकारी को शामिल करना भी कई सवाल खड़े करता है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर लंबे समय से चल रही अनियमितताओं की जानकारी अधिकारियों को पहले से थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित महिलाओं ने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराते हुए मांग की है कि जांच किसी दूसरे जिले की एडीएम स्तर की स्वतंत्र टीम से कराई जाए। 

दोषियों को बचाने का होगा प्रयास
महिलाओं का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर ही जांच होती रही तो दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा सकता है और गरीब महिलाओं को न्याय नहीं मिल पाएगा। मांग की है कि संबंधित खातों की बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजेक्शन डिटेल, भुगतान रजिस्टर और समूहों के वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच कराई जाए। साथ ही जिन अधिकारियों और पदाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मिले, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई कर सरकारी रुपये की वसूली की जो। 

अन्य क्लस्टरों में भी मचा हड़कंप
बेलरायां क्लस्टर में करोड़ों रुपये के कथित गबन का मामला उजागर होने के बाद अब ब्लॉक निघासन के अन्य क्लस्टरों और ग्राम संगठनों में भी हलचल तेज हो गई है। जांच की सुगबुगाहट शुरू होते ही कई वीओ (विलेज ऑर्गनाइजेशन) और क्लस्टर स्तर पर जुड़े पदाधिकारी सक्रिय हो गए हैं। बताया जा रहा है कि जिन गरीब महिलाओं की जमा पूंजी पिछले तीन वर्षों से फंसी हुई थी, अब संबंधित लोग कार्रवाई के डर से रकम लौटाने और पीड़ित महिलाओं को समझाने-बुझाने में जुट गए हैं। कई जगहों पर समझौते के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि मामला आगे न बढ़े। यदि निष्पक्ष जांच कराई गई तो केवल बेलरायां क्लस्टर ही नहीं, बल्कि अन्य कई ग्राम संगठनों और क्लस्टरों में भी लाखों रुपये की अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। यही वजह है कि पूरे ब्लॉक स्तर पर खलबली मची हुई है।

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