Agra News: आगरा में पूर्व प्रधान की हत्या, रास्ते में रोककर बरसाई गोलियां, 25 राउंड फायरिंग, दहला इलाका

Amrit Vichar Network
Published By Ankit Yadav
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अमृत विचार, आगरा। सोमवार रात इटावा-आगरा स्टेट हाईवे पर प्रधानी चुनाव की पुरानी दुश्मनी ने एक बार फिर खूनखराबा कर दिया। कोर्ट में गवाही देकर कार से गांव लौट रहे दो सगे भाइयों पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में पूर्व ग्राम प्रधान अवनीश यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई उपेन्द्र उर्फ मालिक यादव घायल हो गए।

25 राउंड चलीं गोलियां 

घटना आगरा के बाह क्षेत्र के प्यारम्पुरा गांव के पास हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों भाई शाम को शाहपुर गुर्जर गांव में बुलडोजर से खेत का काम कराने के बाद रात करीब 8 बजे अपनी कार से जैतपुर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार गढ़ी प्रतापपुरा से आगरा-इटावा हाईवे पर पहुंची, दो बाइक और एक कार सवार हमलावर उनके पीछे लग गए। प्यारम्पुरा गांव के पास अचानक उनकी कार का टायर फट गया। इसका फायदा उठाते हुए हमलावरों ने उनकी कार को ओवरटेक किया और दोनों भाइयों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। कुल 25 राउंड गोलियां चलाई गईं। अंधाधुंध फायरिंग में गोली अवनीश यादव के सीने में और उपेन्द्र यादव की बाजू में लग गई और दोनों खून से लथपथ कार में ही तड़पने लगे। 

रास्ते में एक भाई की गई जान

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। वहां से उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालांकि रास्ते में ही अवनीश यादव ने दम तोड़ दिया। जबकि उपेन्द्र यादव का इलाज जारी है।

प्रधानी की रंजिश, पहले भी हुआ था हमला

पुलिस जांच में सामने आया है कि शाहपुर गुर्जर गांव में अवनीश यादव और इंद्रराज यादव गुट के बीच प्रधानी पर लंबे समय से तनाव चला आ रहा है। अवनीश यादव साल 2016 में प्रधान रह चुके थे, जबकि वर्तमान में इंद्रराज यादव प्रधान हैं। इसी साल 24 जनवरी को प्रधानी रंजिश में उपेन्द्र उर्फ मालिक यादव पर हमला हो चुका था, जिसमें उन्हें तमंचे से कमर में गोली मारी गई थी और कुल्हाड़ी से सिर फोड़ दिया गया था। उस मामले में राजवीर सिंह के बेटे इंद्रराज यादव, मुकेश यादव, इंद्रराज सिंह के बेटे योगेन्द्र उर्फ छोटू, सौरभ यादव, मुकेश यादव के बेटे विजय प्रताप उर्फ रोली, शिवप्रताप उर्फ गेंदा, गांव के कृष्णा यादव, अकोड़ा के गोलू, विजय को नामजद कराया था। विजय प्रताप अभी जेल में बंद है। इसी मामले में सोमवार को दोनों भाई उपेंद्र और अवनीश यादव गवाही देने गए थे

धमकियां मिल रही थीं, पुलिस ने नहीं सुनी

मृतक अवनीश यादव के भतीजे टिंकू ने बताया कि कोर्ट में गवाही देने से रोका जा रहा था। कई बार धमकियां मिल चुकी थीं, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिवार के अनुसार, रंजिश के चलते अवनीश यादव अलग घर में रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी स्नेहलता और दो बेटे आशीष व बाबू हैं।

पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल और एसीपी बाह हरेकृष्ण शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वहीं यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानी और राजनीतिक वर्चस्व की रंजिश कितनी खतरनाक हो सकती है, इसका ताजा उदाहरण है। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।

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