Pilibhit: संविदाकर्मी की मौत के मामले में परिवार ने की एक्सईएन-एसडीओ पर FIR की मांग
कलेक्ट्रेट परिसर में जिला पंचायत कार्यालय के पास फाल्ट ठीक करने पहुंचे संविदाकर्मी की मौत के मामले में लापरवाही का शोर मचने पर भले ही लाइनमैन और जेई को निलंबित किया जा चुका है। अस्पताल ले जाने में बरती गई लापरवाही पर कमेटी बनाकर जांच कराई जा रही है। मगर, इससे मृतक के परिजन पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।
पीलीभीत, अमृत विचार। कलेक्ट्रेट परिसर में जिला पंचायत कार्यालय के पास फाल्ट ठीक करने पहुंचे संविदाकर्मी की मौत के मामले में लापरवाही का शोर मचने पर भले ही लाइनमैन और जेई को निलंबित किया जा चुका है। अस्पताल ले जाने में बरती गई लापरवाही पर कमेटी बनाकर जांच कराई जा रही है। मगर, इससे मृतक के परिजन पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। जेई और लाइनमैन की तरह ही एक्सईएन और एसडीओ के मौके पर न पहुंचने पर परिवार ने उन पर भी कार्रवाई की मांग की है। चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की गुहार लगाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को शिकायत पत्र मृतक की पत्नी की ओर से सौंपा गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट को दिए पत्र में शहर के मोहल्ला मदीनाशाह की निवासी राखी राठौर पत्नी स्वर्गीय विजय राठौर ने बताया कि उसके पति पावर कॉरपोरेशन में आउटसोर्सिंग पर अकुशल कर्मी के रुप में कार्यरत थे। दो जून को दोपहर एक बजे पति के मोबाइल पर लाइनमैन ज्ञानेंद्र ने कॉल कर बताया कि जिला पंचायत के पास पहुंचकर विद्युत लाइन तुरंत चालू कराओ। इस पर पति वहां पर गए और लाइनमैन के कहने पर पेड़ की टहनियों को लाइन से हटा रहे थे। इस बीच करंट आने से पति सीढ़ी से नीचे झटक कर गिर गए। उनके सिर में गंभीर चोट आई।
लहूलुहान हालत में तड़प-तड़पकर मौत हो गई। आरोप है कि हादसे की सूचना मिलने के बाद भी लाइनमैन मौके पर नहीं पहुंचा। एसडीओ मनोज यादव और एक्सईएन आशीष यादव भी उस वक्त मौके पर नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि करीब पौन घंटे तक पति लहूलुहान हालत में तड़पते रहे और कोई मदद या उपचार नहीं मिल सका। लाइनमैन, एसडीओ और एक्सईएन के क्षरा मौखिक आदेशों से अकुशल कर्मियों से मेन लाइन पर कार्य कराया जाता है। इसी वजह से पति की मोत हो गई। इसके जिम्मेदार लाइन के साथ ही एसडीओ और एक्सईएन भी है। अभी तक पति की अंतिम क्रिया में व्यस्त होने का हवाला हुए डीएम को संबोधित शिकायत पत्र सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को सौंपा है। जिसमें सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। सिटी मजिस्ट्रेट ने परिवार की बात को सुना और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
