अयोध्या समाधान दिवस : डीएम ने सोहावल में सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों व कर्मचारियों का रोका वेतन, लेखपाल निलंबित
अयोध्या, अमृत विचार : जिले की तहसीलों में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सोहावल तहसील में समस्याएं सुनीं। कई का निस्तारण कराया। अफसरों से कहा कि निस्तारण गुणवत्ता पूर्ण ढंग से कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों का निस्तारण मौके पर संभव है, उन्हें तत्काल निपटाया जाए तथा शेष प्रकरणों में निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई करते हुए आख्या प्रस्तुत की जाए। स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोहावल प्रतिनिधि के मुताबिक इस बार फरियादियों के लिए विशेष व्यवस्था देखने को मिली।शिकायतकर्ताओं को बैठने के लिए कुर्सियां उपलब्ध कराई गईं। नेवादा गोपीनाथपुर के अमन कुमार ने सीएचसी में कथित लापरवाही से अपनी पुत्री मुस्कान की मौत होने की शिकायत कर जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
डीएम ने लापरवाह कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कार्यशैली में सुधार और जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिया। भीड़ ज्यादा होने के कारण दोपहर दो बजे के बाद तक फरियाद सुनी। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, उप जिलाधिकारी सविता देवी, तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अनुपस्थित एवं विलंब से पहुंचने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई
संपूर्ण समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह का माह जून का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन तिवारी व अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड एसपी भारती के विलंब से उपस्थित होने पर उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा है।
सीमांकन संबंधी धारा-24 की पत्रावलियों में समय से पैमाइश न करने के कारण राजस्व निरीक्षक मसौधा ध्रुवराज यादव पर कार्रवाई करते हुए उनका माह जून का वेतन अवरुद्ध करने के निर्देश दिए। ग्राम देवराकोट निवासी अनुराग पांडे द्वारा नाम सुधार संबंधी प्रकरण में लेखपाल द्वारा आवश्यक कार्रवाई न किए जाने की शिकायत पर लेखपाल रजनीश के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनका माह जून का वेतन अवरुद्ध कर प्रकरण का निस्तारण कराया गया।
वहीं ग्राम अभयराज का पुरवा, मौजा अर्थर निवासी सुरेश चन्द्र शर्मा द्वारा नवीन परती भूमि की पैमाइश न किए जाने तथा अभद्र व्यवहार की शिकायत किए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित लेखपाल बृजेश कुमार सिंह का उत्तरदायित्व निर्धारित किया। इब्राहिमपुर कदई निवासी अमरेश सिंह द्वारा सार्वजनिक भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत को भी संज्ञान में लेते हुए जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर लेखपाल बृजेश कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
1063 शिकायतों में 94 का हुआ निस्तारण
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिले की सभी तहसीलों में कुल 1063 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 94 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील सोहावल में 243 शिकायतों में से 31, बीकापुर में 130 में से 10, मिल्कीपुर में 282 में से 16, रुदौली में 217 में से 17 तथा सदर तहसील में 191 में से 20 शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया।
एडीएम प्रशासन ने ईओ और एडीओ को लगाई फटकार
रुदौली प्रतिनिधि के अनुसार समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे एडीएम प्रशासन रिशु राजा ने कार्यशैली में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने वाले अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) प्रेम नाथ वर्मा ने डंपिंग जोन के लिए गौचर और तहसील की सुरक्षित ज़मीन की मांग की। इस पर एडीएम ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
एसडीएम संतोष कुमार को निर्देशित किया कि लेखपालों की एक विशेष टीम गठित कर जल्द उपयुक्त ज़मीन की तलाश करें। बिना किसी उद्देश्य के जोर से हंसना सहायक विकास अधिकारी सहकारिता (एडीओ)नरेंद्र कुमार को भारी पड़ गया। एडीएम ने कड़ी फटकार लगाई। सख्त हिदायत दी। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक राम चंद्र यादव, एसपीआरए बलवंत चौधरी और एसडीएम संतोष कुमार आदि रहे।
एडीएम ने लेखपाल को ग्राम पंचायत से हटाने के दिये निर्देश
मिल्कीपुर प्रतिनिधि के मुताबिक समाधान दिवस में राजस्व विवाद, भूमि कब्जा, सीमांकन और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़े मामलों की भरमार रही। दिवस में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अमित कुमार भट्ट, उपजिलाधिकारी सुधीर कुमार, क्षेत्राधिकारी पियूष पाल और तहसीलदार ने लोगों की समस्याएं सुनीं। रेवना पूरे तारावती गांव की 92 वर्षीय सीता देवी ने आरोप लगाया कि उनकी चकबंदी की भूमि को कुछ लोग आबादी की जमीन बताकर कब्जाने का प्रयास कर रहे हैं।
सागर पट्टी के दिव्यांग हरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि पर अवैध कब्जा कर खेत तक पहुंचने का रास्ता बंद कर दिया गया है। ग्राम पंचायत पलिया मुतालके कुचेरा के प्रधान प्रतिनिधि विजय सिंह ने लेखपाल दिनेश पांडे पर विकास कार्यों और सरकारी भूमि के सीमांकन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। एडीएम ने संबंधित लेखपाल को तत्काल ग्राम पंचायत से हटाने का निर्देश दिया। ईंट गांव के धन प्रताप सिंह ने अग्निकांड पीड़ित परिवारों को तीन माह बाद भी राहत अनुदान न मिलने का मुद्दा उठाया। एडीएम अमित कुमार भट्ट ने 30 प्रकरणों के निस्तारण के लिए टीमों का गठन कर जांच के निर्देश दिए गए हैं।
पैमाइश के लिए चार साल में 56 बार शिकायत, निस्तारण नहीं
बीकापुर प्रतिनिधि के मुताबिक मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) गजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित किए गए संपूर्ण समाधान दिवस में सीआरओ ने पैमाइश और भूमि विवाद से संबंधित मामलों में एहतियात बरतने के निर्देश दिये। जोहन गांव के देवदत्त ने हदबरारी करने के मामले में न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने और पैमाइश करने के लिए उनसे चार वर्षों में 56 बार संपूर्ण समाधान दिवस और समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। सीआरओ ने पुलिस और राजस्व टीम के साथ पैमाइश करने का निर्देश दिया। संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम श्रेया, तहसीलदार दिनेश कुमार, एसडीओ विद्युत संदीप कुमार यादव, अधीक्षक डा. अंशुमान यादव, सीओ सुनील कुमार सिंह सहित अन्य शामिल रहे।
