Bareilly : स्काईवॉक पर 12 करोड़ खर्च... मगर सुविधा न कमाई

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Published By Pradeep Kumar
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परियोजना पूरी हुए तीन साल बीते, हर साल दो करोड़ के राजस्व का नुकसान

बरेली, अमृत विचार। पटेल चौक पर 12 करोड़ रुपये की लागत से बना स्काईवॉक महज शो-पीस बनकर रह गया है। तीन साल पहले तैयार हुआ यह प्रोजेक्ट आज तक जनता के लिए नहीं खुल सका है। अधिकारियों की लचर प्लानिंग व निजी एजेंसियों के आगे बेबस सिस्टम के कारण नगर निगम को इसके शुरू न होने से हर साल दो करोड़ के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा रहा है। अब निगम खुद जिम्मेदारी संभालने की तैयारी में जुटा है।

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इस स्काईवॉक को एक आधुनिक व्यावसायिक हब के रूप में विकसित किया जाना था, जहां राहगीरों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने के साथ ही 80 दुकानों के माध्यम से खानपान और खरीदारी का जरिया भी मिलना था। लेकिन कागजी दावों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर साफ दिख रहा है। डेढ़ साल पहले टेंडर प्रक्रिया के तहत दो करोड़ रुपये सालाना की सबसे ऊंची बोली लगाने वाली आनंदी एंटरप्राइजेज को 15 साल के लिए इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ठेका मिलने के बावजूद एजेंसी ने काम शुरू नहीं किया। वहीं, जिम्मेदार समय-समय पर सिर्फ नोटिस जारी करने की रस्म अदायगी करते रहे। तीन-तीन नोटिस का भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तब जाकर अब नगर निगम खुद इसके संचालन की बात कह रहा है। स्मार्ट सिटी के नाम पर यह कोई इकलौता प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि करोड़ों की लागत वाले ऐसे कई अन्य प्रोजेक्ट्स भी हैं, जो अफसरों की लापरवाही के कारण आज सिर्फ धूल फांक रहे हैं। जबकि जनता सुविधाओं का इंतजार कर रही है।

तीन साल बाद टूटी नींद, संचालन का तैयार कर रहे मॉडल
स्काईवॉक और दूसरी अटकी परियोजनाओं से हो रहे राजस्व नुकसान पर बीते दिनों मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने नए सिरे से आरएफपी तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि पहले की तरह शर्तों की अस्पष्टता व एजेंसियों की बेरुखी से परियोजनाएं ठप न पड़ें। अधिकारियों के मुताबिक निगम अब निजी हाथों के बजाय अपने स्तर पर संचालन का मॉडल तैयार कर रहा है। अधिकारियों के बीच मंथन अंतिम चरण में है और जल्द ही इन करोड़ों की परियोजनाओं को कागजों से निकालकर जमीन पर उतारने का दावा किया जा रहा है।

निजी एजेंसियों की मनमानी और राजस्व के नुकसान को रोकने के लिए नगर निगम ने अब खुद कमान संभाल ली है। स्काईवॉक समेत कुछ अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर मंथन चल रहा है। जल्द ही सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर संचालन शुरू कराया जाएगा, ताकि जनता को इनका लाभ मिल सके। - संजीव कुमार मौर्य, सीईओ, बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी।

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