Barabanki Weather News : दो दिन की बारिश से गर्मी-उमस से राहत, धान की रोपाई में आई तेजी; जलभराव बना परेशानी
बाराबंकी में दो दिनों से हो रही बारिश ने गर्मी और उमस से राहत दिलाई है। धान की रोपाई कर रहे किसानों के लिए बारिश फायदेमंद साबित हुई है, लेकिन शहर और गांवों में जलभराव, कीचड़ और खराब सफाई व्यवस्था ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
बाराबंकी, अमृत विचार। दो दिनों से रुक रुक कर हो रही बारिश ने उमस से फिलहाल जोरदार राहत दे रखी है। यही नहीं धान की रोपाई में जुटे किसानों की मुंहमांगी मुराद पूरी हो गई। फसल के लिए जारी बारिश बहुत बेहतर है लेकिन शहर व ग्रामीण इलाकों में बारिश से हुए जलभराव ने चलना तक दूभर कर दिया। उमस से बेहाल हुए आमजन हों या फिर खेत में मेहनत कर रहा किसान, दोनों के लिए सक्रिय मानसून किसी तोहफे से कम नहीं। गुजरे दो दिनों से बारिश का सिलसिला रुक रुक कर जारी है।
रविवार की शाम के बाद रात हुई बारिश का दौर सोमवार सुबह तक जारी रहा। कभी धीमी तो कभी तेज बरसात का असर यह हुआ कि भीषण उमस के चलते पसीने से नहला देने वाली गर्मी से अच्छी खासी निजात मिल गई। 38 डिग्री पर टिका रहा पारा इस समय 28 पर जाकर अटका हुआ है। बादलों से घिरे आसमान और चलती पछुआ हवाओं ने मौसम को काफी सुहाना कर दिया है। बीच बीच में धूप निकली पर घुमड़ते बादलों ने उसे बेअसर कर दिया।
जलभराव और गंदगी बनी मुसीबत
हालांकि बारिश के बाद लचर साफ सफाई इंतजाम के चलते शहर की शक्ल बिगड़ी और जगह जगह जलभराव, कीचड़ भरे रास्तों से होकर लोगों को गुजरना पड़ा। उफनाई नालियो व नालों का गंदा पानी सड़कों पर बहता दिखा। यही दशा ग्रामीण इलाकों की रही, जहां साफ सफाई के अभाव लोग दुश्वारियों का सामना करते रहे। इस बीच बारिश ने किसानों की चिंता मिटा दी है। धान की रोपाई में जुटे किसानों का उत्साह बढ़ा हुआ है। बारिश की वजह से उन्हे वैकल्पिक सहारे की जरूरत फिलहाल नही है। खेतों में पानी भरने से उनका काम आसान हो गया है।
खतरे के निशान से कूछ दूर जलस्तर, मची हलचल
रामनगर: पहाड़ों पर जारी बारिश व पड़ोसी मुल्क नेपाल के दो बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी ने तेजी से करवट ली है। बढ़ोत्तरी के बाद नदी का जलस्तर फिलहाल 105.820 पर टिका हुआ है और नदी स्थिर बताई जा रही, हालांकि रविवार को जलस्तर 105.640 पर पहुंच कर रुक गया था। जाहिर है कि नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। अभी चूंकि पानी खतरे के निशान से नीचे है इसलिए स्थिति खराब नहीं हुई है लेकिन खतरे का निशान पार करते ही पानी गांवों व किनारों की ओर पहुंचना शुरु हो जाएगा। बारिश के साथ ही बैराजों से पानी छोड़ा जाना जारी रहा तो नदी कभी भी खतरे का निशान पार कर सकती है। रामनगर, रामसनेहीघाट व सिरौलीगौसपुर तहसील प्रशासन के अनुसार उनकी बाढ़ से जुड़ी तैयारियां पूरी हैं व चौकियां अलर्ट मोड पर हैं।
