69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का अनोखा प्रदर्शन, कान पकड़कर लगाई दंड बैठक; बोले- योगी जी, गलती हुई हो तो माफ करें, न्याय करें

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश 69000 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय के सामने अपनी मांग को लेकर धरने पर बैठ है। इस दौरान अभ्यर्थियों ने कान पकड़कर अनोखा प्रदर्शन किया। 

कई लोगों ने कान पकड़कर लगाई दंड बैठक लगाई ओर बोले- योगी जी, गलती हुई हो तो माफ करें, लेकिन न्याय करें।

मंगलवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे और गेट के बाहर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में कही बातों के मुताबिक काम नहीं कर रही है इसीलिए वह सभी धरने पर बैठे हैं।

अभ्यर्थियों ने सवाल करते हुए कहा कि सरकार के द्वारा सुप्रीम कोर्ट से मांगा गया 6 सप्ताह का समय पूरा बीत चुका है लेकिन अभी तक लिस्ट री—विजिट  नहीं हुई। 19 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सरकार के अधिवक्ता ने 13 अगस्त 2024 हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार लिस्ट री—विजिट करने के लिए 6 सप्ताह का समय मांगा था इसी को लेकर अभ्यर्थियों ने सरकार से सवाल किया हैं। 69000 शिक्षक भर्ती मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 21 जुलाई को होनी है  अभ्यर्थी किसी भी तरह की हीला हवाली नहीं चाहते। 

 विक्रम और अमित मौर्य ने बताया की उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों की अनदेखी के कारण आरक्षित वर्ग के हजारों अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। पिछले लगभग 6 वर्षों से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लगातार आरक्षण नियमों के पालन की मांग करते हुए चले आ रहें है। 

लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट के डबल बेंच ने फैसला सुनाया और नियमों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया था लेकिन हम आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिला।

पिछली सुनवाई के दौरान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा था सुप्रीम कोर्ट ने जो समय दिया था वह पूरा हो चुका है लेकिन सरकार द्वारा अभी तक लिस्ट री—विजिट नहीं की गयी है इससे अभ्यर्थी नाराज हैं। धनंजय गुप्ता ने कहा कि सरकार दलित पिछड़े समाज के पीड़ित छात्रों को न्याय देने में हीला हवाली कर रही है जिसके चलते हम सबको यहां आकर धरना करना पड़ रहा है।

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