काशीवासियों को मिली बड़ी सौगात : श्रावण में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए मिलेगा अलग रास्ता
-श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर वाराणसी में समीक्षा बैठक, प्रशासन-रेलवे-परिवहन के बेहतर समन्वय के निर्देश -जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी, पाइपलाइन बिछाने के साथ ही सड़क मरम्मत कराने और बॉर्डर एरिया में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने का आदेश
लखनऊ/वाराणसी, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी श्रावण मास में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन व्यवस्था को और सुगम बनाने के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए काशीवासियों के लिए अलग दर्शन मार्ग बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो और श्रद्धालुओं की भीड़ का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार को दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान सर्किट हाउस में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में दिए। मुख्यमंत्री ने श्रावण मास की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, परिवहन और रेलवे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी न रहे।
उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, खोया-पाया केंद्र, आपदा प्रबंधन और निःशुल्क लॉकर जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही मैदागिन से गोदौलिया तक बैरिकेडिंग को सुरक्षित बनाने, पर्याप्त एंबुलेंस की व्यवस्था रखने और होटल-रेस्तरां व बस स्टैंडों पर मनमानी वसूली रोकने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से कहा कि योजना के लिए धन की कोई कमी नहीं है, इसलिए कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए जहां भी सड़कें खोदी जाएं, वहां समानांतर रूप से मरम्मत का कार्य भी कराया जाए ताकि लोगों को परेशानी न हो। अंडरग्राउंड केबलिंग के बाद खराब सड़कों को प्राथमिकता पर ठीक करने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने वाराणसी रोप-वे, एकीकृत मंडलीय कार्यालय, यूनिटी मॉल, आनंद काशी, रुद्र काशी और काशी स्पोर्ट्स सिटी जैसी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि रोप-वे परियोजना का कार्य अगस्त तक पूरा होने की संभावना है। कानून-व्यवस्था की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की विशेष सतर्कता, फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने और प्रत्येक छह माह में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रोटेशन के निर्देश दिए। उन्होंने गंगा में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस को अलर्ट रहने, नावों में लाइफ जैकेट अनिवार्य कराने और सीसीटीवी के माध्यम से लगातार निगरानी रखने के लिए कहा।
36,210 करोड़ की 536 परियोजनाएं पूरी
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि वर्ष 2014 से अब तक वाराणसी में 36,210 करोड़ रुपये की लागत वाली 536 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वर्तमान में 25,007 करोड़ रुपये की लागत की 191 विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिनकी मुख्यमंत्री ने विस्तृत समीक्षा कर समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए।
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