बरेली: गांधी उद्यान में मधुर संगीत के नाम पर खपाये एक करोड़ रुपये

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अमृत विचार, बरेली। शहर के गांधी उद्यान में एक करोड़ रुपये केवल म्यूजिक सिस्टम के जरिए मधुर संगीत सुनाने के लिए खपा दिए गए हैं जबकि सबसे पुराने उद्यान में कई सुविधाओं का अभाव है। इन सुविधाओं की अनदेखी कर जिम्मेदारों ने महंगे स्पीकर खरीद लिए हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत म्यूजिकल फाउंटेन का …

अमृत विचार, बरेली। शहर के गांधी उद्यान में एक करोड़ रुपये केवल म्यूजिक सिस्टम के जरिए मधुर संगीत सुनाने के लिए खपा दिए गए हैं जबकि सबसे पुराने उद्यान में कई सुविधाओं का अभाव है। इन सुविधाओं की अनदेखी कर जिम्मेदारों ने महंगे स्पीकर खरीद लिए हैं।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत म्यूजिकल फाउंटेन का निर्माण किया गया है। इसके जरिए सुबह में साउंड से विभिन्न वाद्य यंत्रों की धुन तो शाम के समय मधुर संगीत सुनाई पड़ रहा है। इसके लिए दिल्ली की फाइन सॉल्युशन कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो प्रथम चरण में 120 और दूसरे चरण में 20 साउंड स्पीकर भूमि पर लगाए गए हैं।

कंपनी ने इन्हें वाटरप्रूफ बनाया है पर एक साउंड की कीमत सुन कर उद्यान में आने-जाने वाले हैरत में पड़ जा रहे हैं। कुछ समय के लिए सोचने को मजबूर हो रहे हैं क्योंकि एक की कीमत करीब 40 हजार रुपये है। लोगों को मानना है कि 10 से 15 हजार रुपये के बीच बाजार में साउंड सिस्टम बिक रहे हैं।

स्पष्ट है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की एक करोड़ की धनराशि खपाने का कार्य किया गया है जबकि दूसरी तरफ सुविधाओं के अभाव लोगों को अखर रही है। उद्यान में बैठने के लिए बनाए गए बेंच पुराने होने के कारण उखड़ रहा है। कई जगहों पर सड़कें टूटी हुई है। सतरंगी लाइटें तो लगवा दी गई है लेकिन पुरानी खराब लाइटों को बदलने का कार्य नहीं किया गया है।

वहीं, पौधों के अभाव में गांधी उद्यान की खूबसूरती बिगड़ रही है। कई किस्म के गुलाब के फूलों के लिए प्रसिद्ध पार्क में गुलाब के पौधों की कमी पड़ गई है। पुराने पेड़ों का कटान हो रहा है लेकिन छायादार पौधे नहीं लगाए जा रहे हैं।

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