यूपी न्यूज़ : बाराबंकी, कानपुर और बहराइच में खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान शुरू, 18 लाख से अधिक पशुओं को लगेंगे मुफ्त टीके
22 जुलाई से 8 सितंबर तक घर-घर पहुंचेंगी टीमें, पशुपालकों से अभियान में सहयोग की अपील
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, कानपुर और बहराइच में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए बुधवार से विशेष टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। अभियान के तहत तीनों जिलों में 18 लाख से अधिक पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए टीकाकरण टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
बाराबंकी में 37 टीमें करेंगी घर-घर टीकाकरण
बाराबंकी में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर से एफएमडी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के आठवें चरण का शुभारंभ किया। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक गांव में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने और भारत पशुधन ऐप पर नियमित डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि जिले में गठित 37 टीमें 22 जुलाई से 8 सितंबर तक ग्रामवार रोस्टर के अनुसार घर-घर जाकर निःशुल्क टीकाकरण करेंगी। चार माह से कम आयु और आठ माह से अधिक गर्भित पशुओं का टीकाकरण नहीं किया जाएगा।
कानपुर में 5.26 लाख पशुओं का टीकाकरण लक्ष्य
कानपुर में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने विकास भवन परिसर से 36 टीकाकरण टीमों को रवाना किया। ये टीमें जिले के सभी 10 विकासखंडों और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर पशुओं की टैगिंग, पंजीकरण और टीकाकरण करेंगी। जिले में 5,26,370 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग सिंह ने बताया कि जिन पशुओं के कानों में टैग नहीं लगे हैं, उनका पंजीकरण भारत पशुधन ऐप पर किया जाएगा, ताकि भविष्य में विभागीय योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिल सके।
बहराइच में 4.50 लाख पशुओं को लगेंगे टीके
बहराइच में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के साथ अभियान का शुभारंभ किया। जिले में 45 दिवसीय अभियान के तहत 4.50 लाख से अधिक पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश उपाध्याय ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए 28 टीकाकरण टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि टीमों के गांव पहुंचने पर सभी पात्र पशुओं का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं।
क्या है खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग?
एफएमडी एक अत्यंत संक्रामक विषाणुजनित बीमारी है, जो मुख्य रूप से गाय, भैंस, बैल, बकरी, भेड़ और सूकर जैसे खुर वाले पशुओं को प्रभावित करती है। इस रोग से पशुओं में तेज बुखार, मुंह और खुरों में छाले, अत्यधिक लार गिरना, दूध उत्पादन में कमी और गर्भित पशुओं में गर्भपात जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय हर छह माह पर नियमित टीकाकरण है। इसलिए पशुपालकों से अपील की गई है कि वे टीकाकरण टीमों का सहयोग करें और सभी पात्र पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण अवश्य कराएं।
