Pratapgarh News: महुली हादसे के पीड़ित परिवार से मिले राजा भैया, महिला आयोग सदस्य ने दिए जर्जर मकानों के सर्वे के निर्देश
अपनों की यादें और सन्नाटे में खोया रहा अमन, जनप्रतिनिधियों ने बंधाया ढांढस
प्रतापगढ़ के महुली वार्ड में जर्जर मकान की छत गिरने से छह लोगों की मौत के बाद राजा भैया और राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
प्रतापगढ़ अमृत विचार : नगर कोतवाली के महुली वार्ड में बरसात के दौरान बुधवार रात जर्जर मकान की छत गिरने से हुए हादसे में एक ही परिवार के दो बच्चों समेत 6 लोगों की मलबे में दबकर मौत पर हर कोई गमगीन है। गुरुवार रात प्रयागराज में अंतिम संस्कार करके अमन सहित परिवार के लोग घर लौटे। संवेदना जताने के लिए लोग सुबह से लोग पहुंचते रहे।
राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने पहुंच कर संवेदना व्यक्त की। नायब तहसीलदार को निर्देशित किया कि जहां भी बिजली के जर्जर खंभे हैं, उन्हें विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित कर शीघ्र बदलवाया जाए। जर्जर एवं रहने योग्य न रहे मकानों का सर्वे कराकर पात्र परिवारों को शासन की आवासीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। साथ में सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य,अरुण मौर्य आदि मौजूद रहे।

कुंडा विधायक व जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप राजा भइया शाम को महुली पहुंचे। उन्होंने अमन श्रीवास्तव को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। कहा कि कुछ घटनाएं अकल्पनीय होती हैं। इस हादसे से पूरा प्रतापगढ़ दुखी है। ईश्वर ऐसा किसी के भी साथ ना करें।
बाबागंज विधायक विनोद सरोज,जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि कुलदीप पटेल,रोशन लाल उमरवैश्य,विनोद यादव,दिनेश तिवारी,भाजपा नेता गोकुलनाथ श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। इसके अलावा घर आने वाले लोग अमन से मिलकर सांत्वना देते रहे। घटनास्थल पर मातमी सन्नाटा पसरा है। दुर्घटनाग्रस्त घर को बांस से घेर कर उस तरफ लोगों का आवागमन रोक दिया गया है। साथ ही वहां पर पुलिसकर्मी तैनात हैं।
हादसे में अमन को छोड़कर नहीं बची सकी किसी की जान
हृदय विदारक हादसे में 60 वर्षीय प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी 55 वर्षीय रीता, 25 वर्षीय पुत्र नितिन, 23 वर्षीय छोटी बहू माधुरी पत्नी अमन, माधुरी के दो बच्चे 2 साल के माधव और 6 महीने अद्विक कि मलबे में दबाकर जान चली गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने 2 घंटे रेस्क्यू करके घायलों को बाहर निकाला, लेकिन प्रमोद के बेटे अमन को छोड़कर किसी की जान नहीं बच सकी थी।
