Kanpur News : 734 महिलाओं ने बनाए 1.5 लाख से ज्यादा तिरंगे, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में निभा रहीं अहम भूमिका

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174 स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं जुटीं तिरंगा निर्माण में, आय के साथ आत्मनिर्भरता को भी मिल रहा बढ़ावा

कानपुर नगर में स्वतंत्रता दिवस और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर स्वयं सहायता समूहों की 734 महिलाएं तिरंगा निर्माण में जुटी हैं। 174 समूहों की महिलाओं ने अब तक 1.5 लाख से अधिक तिरंगे तैयार किए हैं।

कानपुर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार स्वतंत्रता दिवस के पर्व में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सक्रिय भागीदार बनाने पर जोर दे रही है। कानपुर नगर जिले में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस राष्ट्रीय पर्व को खास बनाने और 'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाने के लिए जिलेभर में महिलाओं को बड़े पैमाने पर तिरंगा निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे जहां एक तरफ सरकारी विभागों और स्थानीय आयोजनों के लिए तिरंगों की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका का एक बड़ा जरिया भी बन गया है।

कानपुर नगर जिले में इस कार्य को गति देने के लिए 174 स्वयं सहायता समूहों की 734 महिलाओं को जोड़ा गया है। इन सभी समूहों की मेहनत से अब तक जिले में 1.5 लाख से अधिक तिरंगे बनकर तैयार हो चुके हैं। जिले के अलग-अलग हिस्सों में यह कार्य तेजी से चल रहा है, जिसमें कल्याणपुर ब्लॉक के सिंहपुर क्षेत्र में संचालित प्रेरणा स्वयं सहायता समूह और प्रगति स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी पूरी निष्ठा के साथ तिरंगे बनाने के काम में जुटी हुई हैं।

प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों ने उत्साह व्यक्त करते हुए बताया, "देश के सम्मान के प्रतीक तिरंगे को अपने हाथों से तैयार करना हमारे लिए बहुत बड़े गर्व की बात है। इस काम से हमें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने का अवसर मिला है। इस आमदनी से हम अपने बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में सहयोग कर पा रहे हैं।"

वहीं, प्रगति स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों ने कहा, "आजीविका मिशन के माध्यम से इस समय हमें यह कार्य मिलना बहुत बड़ा सहारा बना है। इससे हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और ग्रामीण महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। हम सभी महिलाएं पूरे नियम और मानकों का ध्यान रखते हुए समय पर काम पूरा करने में लगी हैं।"

परियोजना निदेशक आलोक कुमार सिंह ने बताया कि आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को राष्ट्रीय ध्वज के तय आकार और मानकों के अनुसार तिरंगा बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही उन्हें जरूरी कच्चा माल भी उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा तैयार किए गए ये झंडे जिले के तमाम सरकारी विभागों और प्रशासनिक कार्यालयों में भेजे जाएंगे। महिलाओं को उनके काम का पारिश्रमिक सीधे उनके खाते में भुगतान किया जाएगा, जिससे उनकी आय में सीधी बढ़ोतरी होगी।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने महिलाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा, "स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाने में ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का बेहतरीन उदाहरण है। इससे महिलाओं को रोजगार मिल रहा है और उनकी आमदनी भी बढ़ रही है।"

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