Shravasti News : प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से मिट्टी खनन, दिन के उजाले में ट्रैक्टर-ट्राली से ढुलाई; जिम्मेदार बेखबर
मानक से अधिक गहराई तक मिट्टी निकालने से खेतों की उर्वरा शक्ति प्रभावित; विरोध करने वाले किसानों को धमकाने का आरोप
Shravasti News: प्रतिबंध के बावजूद श्रावस्ती में मिट्टी का अवैध खनन जारी है। गोडपुरवा में बूढ़ी राप्ती नदी के पास दिन में ट्रैक्टर-ट्राली से मिट्टी की ढुलाई का मामला सामने आया।
श्रावस्ती, अमृत विचार। जिले में प्रतिबंध के बावजूद मिट्टी का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। खनन माफिया रात के अंधेरे में ही नहीं, बल्कि दिन के उजाले में भी खुलेआम मिट्टी निकालकर ट्रैक्टर-ट्राली से ढुलाई कर रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है।
जिले में सफेद रेत के कथित अवैध कारोबार के साथ ही मिट्टी का अवैध खनन भी लगातार जारी है। आरोप है कि माफिया निर्धारित मानक से अधिक गहराई तक मिट्टी निकाल रहे हैं। इससे खेतों की उर्वरा शक्ति प्रभावित होने के साथ आसपास के खेतों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
ज्यादा गहराई तक खनन से आसपास के खेतों को नुकसान
अधिक गहराई तक मिट्टी निकाले जाने के कारण बरसात के दौरान आसपास के खेतों की मिट्टी बह रही है। इससे किसानों के खेत खराब हो रहे हैं और उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन का विरोध करने वाले किसानों को माफिया धमकाकर चुप करा देते हैं।

गोडपुरवा में बूढ़ी राप्ती नदी के पास दिखा खनन
ऐसा ही मामला बुधवार को गोडपुरवा गांव में जेल चौकी के पास देखने को मिला। यहां बूढ़ी राप्ती नदी के पास से मिट्टी का खनन कर ट्रैक्टर-ट्राली से ढुलाई की जा रही थी। दिन में खुलेआम चल रहे इस काम को लेकर जिम्मेदारों की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक जिले के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह मिट्टी का खनन किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है।
कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहा अवैध खनन
जिले में प्रतिबंध के बाद भी मिट्टी खनन जारी रहने से प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो खेतों और आसपास की जमीन को और नुकसान हो सकता है।
