Chamoli Tunnel Tragedy: 7 मजदूरों की मौत, 3 अब भी लापता; मलबे-पानी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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उत्तराखंड के चमोली में विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। सुरंग में 22 लोग मौजूद थे, जिनमें से 19 को बाहर निकाला गया। सात मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन लापता लोगों की तलाश जारी है।

गोपेश्वर, उत्तराखंड: चमोली जिले में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा घुसने से हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। हादसे के बाद से तीन लोग अभी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

सुरंग में 22 लोग थे मौजूद

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी के मुताबिक, हादसे के वक्त सुरंग के भीतर कुल 22 लोग मौजूद थे। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 19 लोगों को बाहर निकाल लिया गया। इनमें सात लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि तीन अन्य लापता हैं।

यह हादसा मायापुर (पीपलकोटी) स्थित परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। भूस्खलन और भूधंसाव के कारण सुरंग के करीब आधे हिस्से में मलबा और पानी भर गया, जिससे अंदर काम कर रहे लोग फंस गए।

Chamoli Tunnel Accident

घायलों का अस्पताल में इलाज

रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए गोपेश्वर जिला चिकित्सालय ले जाया गया है। चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार, राहत एवं बचाव अभियान में सहयोग के लिए सुरंग के भीतर गए छह बचावकर्मी सुरक्षित हैं।

NDRF-SDRF समेत कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं

लापता लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), पुलिस के अलावा तकनीकी विशेषज्ञ और अन्य बचाव दल मौके पर जुटे हुए हैं।

सुरंग में पानी और मलबा भरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। बचाव दल लापता लोगों तक पहुंचने के लिए उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और विशेषज्ञ सहायता का इस्तेमाल कर रहे हैं।

DM घटनास्थल पर, CM धामी ने दिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू के निर्देश

जिलाधिकारी गौरव कुमार घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को लापता लोगों की तलाश के लिए सभी जरूरी संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर चिंता जताई है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

अब तक क्या-क्या हुआ?

  • निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा घुसा।
  • हादसे के समय सुरंग में 22 लोग मौजूद थे।
  • 19 लोगों को बाहर निकाला गया।
  • हादसे में 7 लोगों की मौत हुई।
  • 3 लोग अभी भी लापता हैं।
  • घायलों को गोपेश्वर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
  • 6 बचावकर्मी सुरक्षित हैं।
  • NDRF, SDRF, ITBP, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ रेस्क्यू में जुटे हैं।
  • सुरंग में पानी और मलबा होने के कारण अभियान सावधानी से चलाया जा रहा है।
  • जिलाधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहकर ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।
  • CM पुष्कर सिंह धामी ने युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

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