Pilibhit News: पटरी दुकानदारों को मिलेगा 50 हजार तक लोन, 15 सितंबर तक पीएम स्वनिधि के लिए करें आवेदन
रेहड़ी-पटरी दुकानदारों के लिए बड़ी सुविधा, तीन चरणों में मिलेगा 15 से 50 हजार रुपये तक लोन; 15 सितंबर तक आवेदन का मौका
पीएम स्वनिधि योजना के तहत पटरी और रेहड़ी दुकानदारों को कारोबार बढ़ाने के लिए 50 हजार रुपये तक का ऋण मिलेगा। जिले की सभी नगर निकायों में 15 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
पीलीभीत। शहरों में रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ पर दुकान लगाकर आजीविका चलाने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत अब कारोबार बढ़ाने के लिए 50 हजार रुपये तक का ऋण मिल सकेगा। योजना का लाभ अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स तक पहुंचाने के लिए जिले की सभी नगर निकायों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
तीन चरणों में मिलेगा 50 हजार तक लोन
पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को तीन चरणों में ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। पहले चरण में 15 हजार रुपये, दूसरे चरण में 25 हजार रुपये और तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। योजना का उद्देश्य छोटे दुकानदारों को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उनके कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद करना है।
15 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान
एसडीएम न्यायिक एवं परियोजना अधिकारी डूडा पवन कुमार सिंह ने बताया कि जिले की सभी नगर निकायों में नए आवेदकों के लिए 10 अगस्त से विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 15 सितंबर तक चलेगा। जिन स्ट्रीट वेंडर्स ने अभी तक पीएम स्वनिधि योजना का लाभ नहीं लिया है, वे संबंधित नगर निकाय में पहुंचकर पहले चरण के 15 हजार रुपये के ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
समय पर ऋण चुकाने पर मिलेगा क्रेडिट कार्ड
योजना के तहत दूसरे चरण का ऋण समय से चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को 30 हजार रुपये की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उन्हें कारोबार के लिए अतिरिक्त वित्तीय सुविधा मिल सकेगी।
21 और 22 अगस्त को बैंक में विशेष कैंप
बैंकों में लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। भारतीय स्टेट बैंक की विभिन्न शाखाओं में 21 और 22 अगस्त को विशेष कैंप लगाए जाएंगे। जिन आवेदकों का प्रथम, द्वितीय या तृतीय चरण का ऋण आवेदन बैंक में लंबित है, वे निर्धारित तारीख पर संबंधित बैंक शाखा में पहुंचकर जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य लंबित आवेदनों का जल्द निस्तारण कर पात्र दुकानदारों को ऋण उपलब्ध कराना है।
