लखनऊ में जोरदार बारिश से सड़कें-गलियां जलमग्न, विकास नगर में धंसी सड़क; कई अंडरपास भी डूबे
चार डिग्री गिरा पारा, 27.3 डिग्री पहुंचा तापमान; जलभराव से थमा शहर, मौसम हुआ सुहावना, जानकीपुरम, फैजुल्लागंज और रामनगर कॉलोनी में घुटनों तक भरा पानी
लखनऊ में सोमवार को जोरदार बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया। विकास नगर में सड़क धंस गई, जबकि जानकीपुरम, फैजुल्लागंज और रामनगर कॉलोनी में घुटनों तक पानी भरने से लोगों को परेशानी हुई।
लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी लखनऊ में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं सोमवार को जोरदार बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हो गया। बारिश और दिनभर छाए बादलों का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया।
सोमवार को अधिकतम तापमान करीब चार डिग्री सेल्सियस गिरकर 27.3 डिग्री पहुंच गया, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में अगस्त में ही लोगों को नवंबर जैसी ठंडक का अहसास हुआ। दिनभर में करीब 27.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम सुहावना होने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, लेकिन तेज बारिश के कारण शहर की जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति भी सामने आ गई।
दो दिनों में आठ डिग्री गिरा अधिकतम तापमान
बारिश का असर तापमान पर लगातार बना हुआ है। दो दिनों में अधिकतम तापमान में करीब आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को अधिकतम तापमान 27.3 डिग्री रहा, जो सामान्य से काफी कम है। दिनभर बादल छाए रहने और बारिश के कारण मौसम में ठंडक बनी रही। लोगों को अगस्त में ही नवंबर जैसी सर्दी का एहसास हुआ। हालांकि, बारिश ने गर्मी और उमस से राहत जरूर दी।
सोमवार सुबह से हुई जोरदार बारिश ने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। करीब एक घंटे की तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं।

नाले और नालियां चोक होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी। कई जगहों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
विकास नगर में गुलाचीन मंदिर के पास सड़क धंस गई। वहीं जानकीपुरम, फैजुल्लागंज और ऐशबाग की रामनगर कॉलोनी में जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।
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गोमतीनगर, अलीगंज, बंथरा, चौक और ठाकुरगंज समेत कई इलाकों की गलियां पानी में डूब गईं। चारबाग, मवैया, चौक और गोमतीनगर विस्तार के अंडरपास में भी पानी भर गया। इससे वाहनों की रफ्तार थम गई और कई जगह जाम की स्थिति बन गई।
रामनगर कॉलोनी में जलनिकासी के इंतजाम नाकाफी
ऐशबाग की रामनगर कॉलोनी में बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलनिकासी के लिए पर्याप्त पंप की व्यवस्था नहीं की गई। बारिश के दौरान क्षेत्र का नाला उफनने से स्थिति और खराब हो जाती है।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक, थोड़ी देर की बारिश में ही कॉलोनी में पानी भर जाता है। जलभराव के कारण सड़क और खुले नाले के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
पार्षद को तलाशते रहे लोग
जलभराव के दौरान स्थानीय नागरिक जलनिकासी की व्यवस्था के लिए क्षेत्रीय पार्षद को तलाशते रहे। लोगों का कहना है कि जलभराव के बावजूद मौके पर तत्काल राहत के लिए पंप की व्यवस्था नहीं हो सकी। इससे काफी देर तक लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
कैंट में पेड़ गिरने से घंटों जाम
बारिश के दौरान कैंट क्षेत्र में रायबरेली रोड पर देवीखेड़ा मोड़ और लालकुर्ती के बीच एक पेड़ सड़क पर गिर गया। इससे मार्ग पर घंटों यातायात प्रभावित रहा। तेलीबाग, पीजीआई और वृंदावन कॉलोनी से कैंट की ओर जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। करीब 50 मीटर का रास्ता तय करने में लोगों को आधे घंटे तक लग गए। यातायात पुलिस ने कैंट की ओर जाने वाले वाहनों को देवीखेड़ा से बंगला बाजार की ओर डायवर्ट किया।
बारिश से स्कूलों में कम रही उपस्थिति
सुबह से लगातार बारिश के चलते स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति प्रभावित रही। वहीं कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को भी परेशानी हुई। तेज बारिश में भीगते हुए लोग कार्यालय पहुंचे, जबकि कई इलाकों में लगे जाम के कारण कर्मचारियों को देरी का सामना करना पड़ा।
बारिश के साथ जाम ने बढ़ाई मुश्किल

शहर में जलभराव के साथ यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। कैंट क्षेत्र में देवीखेड़ा मोड़ और लालकुर्ती के बीच रायबरेली रोड पर पेड़ गिरने से घंटों यातायात बाधित रहा।
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तेलीबाग, पीजीआई और वृंदावन कॉलोनी से कैंट की ओर जाने वाले लोगों को भी परेशानी हुई। यातायात पुलिस ने वाहनों को देवीखेड़ा से बंगला बाजार की ओर डायवर्ट किया।
मंगलवार को भी बारिश के आसार
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मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी लखनऊ में बादल छाए रहेंगे। कुछ चरणों में तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है। ऐसे में शहर में एक बार फिर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
नाला-नाली सफाई के दावों पर उठे सवाल
बारिश के बाद शहर में जगह-जगह हुए जलभराव ने नगर निगम के नाला-नाली सफाई के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि नालों की समय पर सफाई और जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था होती तो बारिश के बाद इतनी गंभीर स्थिति नहीं बनती।
