यूपी में बढ़ा परिवहन निगम के आउटसोर्स कार्मिकों का मानदेय, जानें जुलाई से मिलेगा किसे कितना लाभ
कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर समेत कई श्रेणियों के कार्मिकों को मिलेगा फायदा
यूपी परिवहन निगम के आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में जुलाई से 5 प्रतिशत बढ़ोतरी लागू होगी। कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर समेत संबंधित कार्मिकों को इसका लाभ मिलेगा।
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में काम कर रहे आउटसोर्स कार्मिकों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने उनके मानदेय में जुलाई से पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू करने का निर्णय लिया है। इसका लाभ कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर, प्रोग्रामर समेत संबंधित श्रेणियों के आउटसोर्स कार्मिकों को मिलेगा। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में हर साल कुल 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। इसके तहत जनवरी में पांच प्रतिशत और जुलाई में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है। इसी व्यवस्था के तहत जुलाई माह से पांच प्रतिशत बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा।
जनवरी और जुलाई में पांच-पांच प्रतिशत बढ़ोतरी
सरकार की व्यवस्था के अनुसार आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में सालाना 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है। यह वृद्धि दो चरणों में लागू होती है। जनवरी में पांच प्रतिशत और जुलाई में पांच प्रतिशत मानदेय बढ़ाया जाता है।
तकनीकी कार्यों में आउटसोर्स कार्मिकों की अहम भूमिका
परिवहन मंत्री ने कहा कि परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारू, आधुनिक और प्रभावी बनाने में आउटसोर्स कार्मिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार और प्रोग्रामर जैसे तकनीकी कार्मिक निगम के विभिन्न कार्यों के संचालन में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और कार्मिकों के हितों के प्रति संवेदनशील है। परिवहन निगम को बेहतर और यात्री केंद्रित बनाने में हर कार्मिक का योगदान महत्वपूर्ण है।
बढ़ा मानदेय देगा आर्थिक संबल
दयाशंकर सिंह ने कहा कि मानदेय में पांच प्रतिशत की वृद्धि से आउटसोर्स कार्मिकों को आर्थिक संबल मिलेगा। इससे वे और अधिक उत्साह एवं प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य परिवहन निगम की सेवाओं को अधिक प्रभावी और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाना है।
