Pilibhit News : आश्रम की भूमि को लेकर 100 दिन से अनशन कर रहे संत के समर्थन में किसान, एसडीएम से की कार्रवाई की मांग
100 दिन से अनशन पर बैठे महंत सत्यगिरि के समर्थन में उतरे किसान संगठन, सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत के बीसलपुर में 100 दिन से अनशन कर रहे महंत सत्यगिरि के समर्थन में किसान संगठन आगे आए हैं। महंत ने जीवित समाधि का फैसला 1 महीने के लिए टाल दिया है।
बीसलपुर, अमृत विचार। बिलसंडा क्षेत्र के मझिगवां स्थित लंगड़े बाबा आश्रम की भूमि और कथित फर्जी अभिलेखों के विवाद को लेकर करीब 100 दिन से अनशन कर रहे संत सत्यगिरि महाराज के समर्थन में किसान और सामाजिक संगठन आए। मंगलवार को संगठनों ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम नागेंद्र पांडे को सौंपकर आश्रम की भूमि से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई की मांग की। इधर, संत ने 15 अगस्त को जीवित समाधि लेने की चेतावनी दी थी, लेकिन अब प्रशासन को एक माह का और समय देने की बात कही है। जिससे अफसरों ने राहत महसूस की है।
महंत सत्यगिरी के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन जनशक्ति के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह, मुख्य महासचिव सुशील सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला, मंडल अध्यक्ष ठाकुर रवेंद्र सिंह, सलीम मोहम्मद, सचिन सिंह चौहान और अरविंद सिंह, श्रीराजपूत करणी सेना की ओर से प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश सिंह दीपू, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह राठौर, अनिल सिंह चौहान, अरविंद सिंह, सचिन चौहान और रंजीत सिंह शामिल हुए। इसके अलावा भारतीय किसान यूनियन (अखण्ड प्रदेश) की ओर से महंत राजूदास महाराज, राजेश कुमार बबलू दीक्षित और संजय सोमवंशी समेत अन्य लोग आगे आए। ज्ञापन में आश्रम की भूमि पर कथित अवैध कब्जे, कूटरचित अभिलेखों और सुरक्षा संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई। आश्रम की संपत्ति और संत की सुरक्षा की भी मांग की गई।
महंत बोले: जिंदा समाधि का फैसला फिलहाल टाला, एक माह बाद लेंगे निर्णय
संत सत्यगिरि महाराज ने बताया कि उनका अनशन करीब 100 दिन से जारी है। एसडीएम को समस्याओं के समाधान के लिए एक माह का समय दिया गया है। तब तक अनशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल 15 अगस्त को जीवित समाधि लेने का निर्णय टाल दिया गया है। एक माह में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगे जीवित समाधि के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
एसडीएम बोले: आश्रम में काम शुरू
एसडीएम नागेंद्र पांडे ने बताया कि विभिन्न संगठनों की ओर से ज्ञापन मिला है। आश्रम में काम शुरू करा दिया गया है। आश्रम से संबंधित जो भी समस्याएं हैं, उनका जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
