दिल्ली हाईकोर्ट से मिली राहत तो वृंदावन पहुंचे बृजभूषण सिंह, गुरु रितेश्वर महाराज का लिया आशीर्वाद, कही यह बड़ी बात
कहा- 'मेरे खिलाफ देश के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया'
मथुरा। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह दिल्ली उच्च न्यायालय से राहत मिलने के बाद मंगलवार को वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने अपने गुरु रितेश्वर महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में अदालत के फैसले, अपने खिलाफ चले आंदोलन और भविष्य की राजनीतिक भूमिका पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वह नियमित रूप से अपने गुरु के दर्शन के लिए आते रहते हैं। उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वह नागपुर भी गए थे और तीन अगस्त को अदालत का फैसला आने के बाद सबसे पहले गुरु रितेश्वर महाराज का आशीर्वाद लेने वृंदावन पहुंचे।
रामचरितमानस की चौपाई का किया जिक्र
उच्च न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई, "जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरति देखी तिन तैसी" का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी दृष्टि में उन्हें न्याय मिला है, जबकि दूसरा पक्ष इस फैसले को अलग नजरिए से देख सकता है। अपने खिलाफ चले आंदोलन और कानूनी विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र बताया।
'मेरे खिलाफ देश के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया'
उनका दावा था कि उनके खिलाफ देश के इतिहास का सबसे बड़ा षड्यंत्र रचा गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की कुछ पार्टियों को छोड़कर कई बड़ी शक्तियां और विदेशी ताकतें भी इस आंदोलन का हिस्सा थीं। साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में देशभर के लोगों ने उनका समर्थन किया, जिसके लिए वह सभी समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
'समय तय करेगा मेरी भूमिका'
भविष्य की राजनीतिक भूमिका से जुड़े प्रश्न पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि आगे क्या होगा, इसका निर्णय समय करेगा। उन्होंने कहा कि किसी की भूमिका उसके अपने हाथ में नहीं होती, बल्कि समय परिस्थितियां तय करता है। कानूनों और नियमों में संभावित बदलाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की और संक्षिप्त जवाब देकर वहां से रवाना हो गए।
