Pilibhit News : अब जमानती को देना होगा पूरा ब्योरा, शपथ पत्र का प्रारूप बदला, अभियुक्त से संबंध और पूर्व में दी गई जमानतों की भी देनी होगी जानकारी 

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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जमानत लेने वालों के लिए नया नियम लागू, देना होगा पूर्व की जमानतों का पूरा रिकॉर्ड

पीलीभीत जिला अदालत में जमानत प्रक्रिया बदल गई है। हाईकोर्ट के निर्देश पर अब जमानती को अभियुक्त से संबंध और पूर्व की जमानतों का पूरा ब्योरा देना होगा।

पीलीभीत, अमृत विचार। जिला अदालत में जमानत कराने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब जमानती को पुराने शपथ पत्र के साथ घोषणा पत्र भी देना होगा। इसमें उसे अभियुक्त से अपने संबंध, उसे कितने समय से जानता है और पहले कितने मामलों में जमानत दे चुका है, इसकी जानकारी देनी होगी। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद जिला अदालत में नई व्यवस्था लागू की जा रही है।

प्रयागराज हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने बीती 30 जुलाई को प्रदेश के सभी जनपद न्यायाधीशों और समकक्ष न्यायिक अधिकारियों को पत्र भेजकर आदेश की जानकारी दी है।  हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई व्यक्ति एक ही मामले या अलग-अलग मामलों में एक से अधिक आरोपियों का जमानती बन सकता है। इसके लिए न्यायालय का जमानती की योग्यता और क्षमता से संतुष्ट होना जरूरी होगा। अब जमानती को नए प्रारूप के घोषणा पत्र में अभियुक्त से अपने संबंध बताने होंगे। वह अभियुक्त को कितने समय से जानता है, इसका भी उल्लेख करना होगा। इसके साथ आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र की संख्या दर्ज करनी होगी। जमानती ने पहले किन-किन अभियुक्तों की किन मामलों में जमानत ली है, इसका विवरण भी देना होगा। विचाराधीन मामलों की जानकारी भी घोषणा पत्र में शामिल करनी होगी।

पेशेवर जमानतियों पर कसेगा शिकंजा
नई व्यवस्था से कचहरी में नियमित रूप से जमानत लेने वाले पेशेवर जमानतियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खासकर सड़क दुर्घटना के मामलों में दूसरे जिलों और राज्यों के वाहन चालकों की जमानत स्थानीय जमानती करा देते हैं। अब पूर्व में कराई गई जमानतों का रिकॉर्ड सामने आने से ऐसे जमानतियों की भूमिका की जांच आसान होगी। जनपद में पिछले वर्ष न्यूरिया थाने में कई पेशेवर जमानतियों के खिलाफ धोखाधड़ीपूर्वक जमानत कराने के आरोप में अलग-अलग मामलों में रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी है। ऐसे में नई व्यवस्था को जमानत प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति जनपद न्यायाधीश रविंद्र कुमार की ओर से जिले के अधिवक्ताओं को उपलब्ध करा दी गई है।

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