लखीमपुर खीरी : बिजली हादसों पर भड़के आउटसोर्स कर्मचारी
14 अगस्त को सभी पॉवर हाउस पर की जाएगी श्रद्धांजलि सभा, कर्मचारी संघ ने लगाया सुरक्षा उपकरणों व स्टाफ की कमी का आरोप
लखीमपुर खीरी में बिजली हादसों और सुरक्षा उपकरणों की कमी से आक्रोशित आउटसोर्स कर्मचारियों ने आंदोलन का ऐलान किया है। 14 अगस्त को पॉवर हाउस पर श्रद्धांजलि सभा होगी।
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। बिजली विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों की कार्य के दौरान हो रही दुर्घटनाओं और मौतों को लेकर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन ने 14 अगस्त को लखनऊ के इको गार्डन आलमबाग समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है। लखीमपुर खीरी में भी प्रत्येक पावर हाउस पर मृतक बिजली कर्मचारियों की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी।
संगठन के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारी बिजली की चपेट में आने या खंभे से गिरने जैसी दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। संगठन का आरोप है कि विद्युत उपकेंद्रों और लाइनों के अनुरक्षण के लिए निर्धारित संख्या में कर्मचारी नहीं हैं। कर्मचारियों की कमी के चलते काम का दबाव बढ़ रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है। संघ के मुताबिक वर्ष 2017 के आदेश के अनुसार 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों के परिचालन के लिए चार उपकेंद्र परिचालक और चार सहायक समेत कुल आठ कर्मचारियों की तैनाती का प्रावधान था। संगठन का दावा है कि वर्तमान में कई स्थानों पर महज तीन कर्मचारियों से ही परिचालन का काम कराया जा रहा है। इससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। संघ ने कहा कि प्रत्येक 11 केवी आउटगोइंग फीडर के लिए एक गैंग में लाइनमैन, पेट्रोलमैन/कुशल श्रमिक और दो अकुशल श्रमिकों की व्यवस्था का प्रावधान है। आरोप है कि वर्तमान में इस व्यवस्था का पालन नहीं हो रहा है। संगठन ने दावा किया कि लाइनमैनों की संख्या जरूरत के मुकाबले बेहद कम रह गई है और अनुभवी कुशल श्रमिकों को भी उम्र का हवाला देकर हटाया गया है। कर्मचारी संघ ने बिजली विभाग में सुरक्षा उपकरणों की कमी का आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग की है।
संघ ने कार्य के अनुरूप अनुबंध, वेतन में समानता, 18 हजार रुपये वेतन निर्धारित करने, हटाए गए कर्मचारियों की बहाली, दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने, आउटसोर्स कर्मचारियों को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने, महिला कर्मचारियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित अवकाश देने समेत कई मांगें उठाई हैं।
