लखनऊ : शमन आवेदन को टालमटोल का हथियार बनाने वालों पर होगी कार्रवाई

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Edited By Virendra Pandey
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 एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिये निर्देश 

राजधानी में नियमों के विपरीत निर्माण करा रहे बिल्डर अब शमन आवेदन की आड़ लेकर बच नहीं पाएंगे। एलडीए ऐसे बिल्डरों, भवन स्वामियों को चिन्हित करेगा, जिन्होंने शमन के लिए आवेदन तो कर दिया, लेकिन उसके बाद न तो निर्धारित शुल्क जमा किया और न ही सही तरीके से मानचित्र जमा किया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मंगलवार को शमन मामलों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिये हैं। 

लखनऊ, अमृत विचार : राजधानी में नियमों के विपरीत निर्माण करा रहे बिल्डर अब शमन आवेदन की आड़ लेकर बच नहीं पाएंगे। एलडीए ऐसे बिल्डरों, भवन स्वामियों को चिन्हित करेगा, जिन्होंने शमन के लिए आवेदन तो कर दिया, लेकिन उसके बाद न तो निर्धारित शुल्क जमा किया और न ही सही तरीके से मानचित्र जमा किया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मंगलवार को शमन मामलों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिये हैं। 

उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शमन के जोन वार लंबित मामलों की समीक्षा की। इसमें पाया गया कि प्रवर्तन की कार्रवाई प्रचलित होने पर कुछ बिल्डरों ने शमन मानचित्र के लिए ऑनलाइन आवेदन तो कर दिया, लेकिन उसके बाद आगे की प्रक्रिया में किसी भी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखायी। इतना ही नहीं, अधिकारियों द्वारा संपर्क करने पर भी वह लोग लंबे समय से टालमटोल का रवैया अपनाये हुये हैं। उपाध्यक्ष ने ऐसे समस्त प्रकरणों को चिन्हित करके सम्बंधित भवन स्वामियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। जिसके अंतर्गत एक सप्ताह के अंदर अभियान चलाकर ऐसे निर्माण कार्यों को सील किया जाएगा। साथ ही विहित प्राधिकारी न्यायालय में पैरवी करके नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करायी जाएगी। 

सही मामलों में हो अविलम्ब निस्तारण  
समीक्षा बैठक में पाया गया कि शमन के कुछ मामलों में भवन स्वामी नियमानुसार एफएआर  (फ्लोर एरिया रेशियो) खरीदने पर सहमत हैं और समस्त शुल्क जमा करना चाहते हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि सही मामलों में बिना देर किये निस्तारण करते हुए शमन मानचित्र जारी किया जाए। जिससे कि भवन स्वामियों को बेवजह परेशान न होना पड़े। 

ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे आपत्ति-सुझाव 
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करके आपत्ति-सुझाव आमंत्रित किये जाते हैं। इसमें लोग प्रार्थना पत्र के माध्यम से आपत्ति-सुझाव दर्ज कराते हैं। निर्धारित अवधि पूरी होने पर आपत्ति-सुझाव संकलित करने में पत्रावली कई पटलों पर जाती है, जिसमें अनावश्यक समय लगता है। ऐसे में अब से लोगों को एलडीए की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आपत्ति-सुझाव दर्ज करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसमें लोग टिप्पणी के साथ सम्बंधित दस्तावेज भी अटैच कर सकेंगे।

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