हरिद्वार में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ पर संतों का महामंथन : शिवराज बोले- बार-बार चुनाव विकास में बाधक, जनजागरण करें संत

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हरिद्वार के अवधूत मंडल आश्रम में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के समर्थन में संत समागम हुआ। शिवराज सिंह चौहान ने संतों से जनजागरण की अपील करते हुए कहा कि बार-बार चुनाव विकास और जनसेवा की गति प्रभावित करते हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी इस विचार के समर्थन की बात कही।

हरिद्धार। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को बल देने के लिए रविवार को देवभूमि उत्तराखंड स्थित धर्मनगरी हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम में संत समागम आयोजित हुआ। जिसमें देश भर के साधु संतों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कल्कि आश्रम के प्रमोद कृष्णम, योग गुरु स्वामी रामदेव जैसे लोग शामिल हुए।

शिवराज चौहान ने कहा कि बार-बार चुनाव विकास में बाधक होते हैं। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र-एक चुनाव आज देश की जरूरत है। उन्होंने संत समाज से जनजागरण की अपील करते हुए आग्रह किया कि मोदी जी के विचार को जनता तक पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि देश पहले, पार्टी बाद में; एक राष्ट्र-एक चुनाव का मोदी जी का संकल्प हो पूरा। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् का पूरा गान देश की एकता का प्रतीक है। अब भारत को और विभाजित नहीं होने दिया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव राष्ट्र की विकास गति और जनसेवा को प्रभावित कर रहे हैं और समय, पैसा तथा प्रशासनिक ऊर्जा का भारी क्षय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावों के कारण स्कूलों में पढ़ाई रुकती है, प्रशासनिक मशीनरी चुनाव की तैयारियों में लग जाती है और जनता तक विकास कार्यों की गति धीमी पड़ जाती है।

उन्होंने चुनावों की तैयारी पर लगने वाले समय और खर्च, जो रिपोर्ट के मुताबिक लाखों करोड़ तक पहुँचते हैं, को रोका जा सके तो देश लाभान्वित होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ हों तो संसाधनों की बचत होगी, चुनाव सम्बंधी समय की बचत होगी और प्रशासनिक ध्यान विकास पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने संत समाज से अपील की कि वे अपनी उपस्थिति और कहने की शक्ति से जनजागरण में मदद करें। 

उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वाद और उनके शिष्यों के व्यापक प्रभाव से यह विचार देश में तेजी से फैल सकता है और राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित के लिए एक मजबूत जनप्रेरणा बन सकती है। उन्होंने यह भी निवेदन किया कि संत अपने प्रवचनों में "एक राष्ट्र-एक चुनाव" का समर्थन करें ताकि जनता में उत्साह पैदा हो और संवैधानिक संशोधन का मार्ग सुगम बने। 

इस दौरान शिवराज चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस विषय पर उठाए गए कदमों और विधेयक का उल्लेख करते हुए उनका समर्थन किया और कहा कि यह काम सिर्फ एक पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश का मुद्दा है। देश आगे रहेगा तो पार्टियाँ भी बनी रहेंगी।

‘वंदे मातरम्’ को बताया राष्ट्रीय एकता का प्रतीक

उन्होंने अपने भाषण में वंदे मातरम् के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह गीत देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है, न कि किसी पार्टी या समुदाय का।उन्होंने कहा कि देश की आजादी के पूर्व मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम के दो टुकड़े कर दिए गए थे और वही विभाजन का एक कारण बना; अब और भारत विभाजित नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने मंच से कहा कि उत्तराखंड सरकार और वह व्यक्तिगत रूप से इस विचार को समर्थन देते हैं और साथ मिलकर जनसमर्थन बढ़ाने में योगदान देंगे।

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