लखनऊ : केजीएमयू में इंटर्न चिकित्सकों ने शुरू की भूख हड़ताल

Amrit Vichar Network
Edited By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार : स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर केजीएमयू समेत प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस इंटर्न चिकित्सकों का आंदोलन तेज हो गया है। रविवार को केजीएमयू में आठ इंटर्न भूख हड़ताल पर बैठ गए, जबकि सैकड़ों इंटर्न छत्रपति शाहू जी महाराज की प्रतिमा के पास धरने पर बैठे रहे। स्टाइपेंड बढ़ने की मांग को लेकर केजीएमयू में इंटर्न चिकित्सकों ने शनिवार से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया था, जो दूसरे दिन रविवार को भी जारी रहा।

प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि इंटर्नशिप में पढ़ाई के साथ वे वार्ड में मरीजों की देखभाल, इंजेक्शन, दवा, ड्रेसिंग और जरूरी केयर की जिम्मेदारी निभाते हैं। कई बार सीनियर की गैरमौजूदगी में वार्ड भी संभालते हैं। मरीजों की सेवा वे परिवार के सदस्य की तरह करते हैं, लेकिन स्टाइपेंड जिम्मेदारी के मुकाबले बेहद कम है। वर्तमान में 12 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। महंगाई और कार्यभार देखते हुए उन्होंने इसे बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपये करने की मांग की है। डॉक्टरों ने बताया कि लंबे समय से मांग लंबित है, कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। मजबूरन आंदोलन तेज करना पड़ा। चेतावनी दी कि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

समर्थन में उतरा आईएमए

इंडियन मेडिकल एसोशिएसन (आईएमए) उत्तर प्रदेश ने इंटर्न चिकित्सकों की मांग का समर्थन किया है। संगठन के अध्यक्ष डॉ. राजीव गोयल ने कहा इंटर्न चिकित्सकों की स्टाइपेंड बढ़ने की मांग जायज है। आईएमए उनके साथ है।

डॉ. राजीव रविवार को सीतापुर रोड स्थित एक निजी रिसार्ट में आयोजित संगठन की बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा इस सम्बन्ध में इंटर्न चिकित्सकों ने आईएमए के पदाधिकारियों से मुलाकात की थी। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश में इंटर्न का स्टाइपेंड कई अन्य राज्यों की तुलना में कम है और दिल्ली की तुलना में भी काफी कम है। आईएमए की ओर से इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इंटर्न चिकित्सकों की मांगों पर विचार करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेगी।

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