Lucknow University का बड़ा फैसला : चौथे साल छात्रों को मिलेंगे दो विकल्प, जानें पूरा प्लान

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लखनऊ विश्वविद्यालय के चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के चौथे वर्ष में छात्रों को ‘यूजी ऑनर्स’ और ‘यूजी ऑनर्स विद रिसर्च’ के दो विकल्प मिलेंगे। 7.5 CGPA या 75 प्रतिशत अंक वाले छात्र रिसर्च विकल्प चुन सकेंगे, जबकि अन्य छात्र यूजी ऑनर्स के जरिए चौथा वर्ष पूरा कर सकेंगे।

लखनऊ, अमृत विचार: लखनऊ विश्वविद्यालय ने अब स्नातक चार वर्षीय पाठ्यक्रम में चौथे साल में छात्रों को दो विकल्प कराने  घोषणा की है। इसके लिए एक 7 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति  प्रो. मनुका खन्ना के नेतृत्व में गठित की गई है जो शीघ्र ही संपूर्ण संरचना और दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देगी। विश्वविद्यालय में 4-वर्षीय स्नातक के चौथे वर्ष में 'यूजी ऑनर्स' व 'यूजी ऑनर्स विद रिसर्च' दोनों विकल्प छात्रों को मिलेंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के स्नातक कार्यक्रमों के लिए पाठ्यक्रम और क्रेडिट ढांचे की मूल भावना के अनुरूप सुधार किया गया है। विद्यार्थियों को व्यापक शैक्षणिक लचीलापन प्रदान करने के लिए प्रस्तावित ढांचे में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के पहले तीन वर्ष (छह सेमेस्टर) पूरे करने वाले छात्र चौथे वर्ष में अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार दो में से किसी एक विकल्प को चुन सकते हैं। 

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि दोनों ही मार्ग एक ही 4-वर्षीय स्नातक ढांचे के पूरक विकल्प हैं, जो कुल 160 क्रेडिट की 4-वर्षीय स्नातक डिग्री प्रदान करेंगे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय रिसर्च मार्ग के लिए सभी आवश्यक शैक्षणिक और शोध अवसंरचना की उपलब्धता भी निरंतर सुनिश्चित कर रहा है।

यूजी ऑनर्स

जो छात्र शोध प्रबंध नहीं करना चाहते, बल्कि अपने प्रमुख विषय में गहन व उन्नत अध्ययन करना चाहते हैं। 12 क्रेडिट का शोध घटक, इस मार्ग में शोध प्रबंध के स्थान पर उन्नत पाठ्यक्रमों से पूरा किया जाएगा। इसके माध्यम से 7.5 से कम सीजीपीए वाले छात्र भी चौथा वर्ष पूरा कर सकेंगे और 160 क्रेडिट की 4 वर्षीय स्नातक डिग्री प्राप्त कर सकेंगे।

यूजी ऑनर्स विद रिसर्च

छात्रों को संरचित स्नातक शोध का अवसर देगा। पहले छह सेमेस्टर में 7.5 या उससे अधिक 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले पात्र छात्र संकाय सदस्य के मार्गदर्शन में 12 क्रेडिट का शोध प्रोजेक्ट या प्रबंध पूरा करेंगे। 

चौथे वर्ष में 'यूजी ऑनर्स' और 'यूजी ऑनर्स विद रिसर्च' दोनों विकल्पों का समावेशन विद्यार्थियों को उनकी पसंद के अनुसार उन्नत विषय ज्ञान अथवा मौलिक अनुसंधान में विशेषज्ञता प्राप्त करने का समान अवसर देगा... प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, लखनऊ विश्वविद्यालय।

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