Kanpur GST Raid : फर्जी फर्में, करोड़ों का खेल और GST की चोरी! कानपुर में 9 ठिकानों पर छापा, 8 पर FIR की तैयारी, जानें पूरा मामला
कानपुर में राज्य कर विभाग ने आयरन स्क्रैप कारोबार से जुड़ी नौ फर्मों पर छापेमारी कर बड़े जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा किया। जांच में 390 करोड़ रुपये की बोगस सप्लाई और 72.12 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी सामने आई। आठ फर्मों के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई शुरू की गई है।
कानपुर, अमृत विचार। आयरन स्क्रैप के कारोबार में फर्जी फर्में बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी के खेल का राज्य कर विभाग ने भंडाफोड़ किया है। विभाग की नौ टीमों ने 30 अधिकारियों के साथ शहर में नौ फर्मों पर एक साथ छापेमारी की। जांच में कई फर्में कागजों पर कारोबार करती मिलीं, जबकि मौके पर उनका कोई अस्तित्व नहीं था। आठ फर्मों के खिलाफ तहरीर और एफआईआर की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अपर आयुक्त सान्या छावड़ा, कार्यवाहक अपर आयुक्त कुमार आनंद और अपर आयुक्त (विवेचना) प्रशांत कुमार के निर्देशन में हुई कार्रवाई में फर्जी दस्तावेजों के सहारे बड़े पैमाने पर कारोबार दिखाने का मामला सामने आया।जांच में इन फर्मों से 390 करोड़ रुपये की बोगस सप्लाई प्रदेश के अंदर और बाहर के व्यापारियों को किए जाने की जानकारी मिली। वहीं करीब 72.12 करोड़ रुपये की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास ऑन की गई। विभाग ने कार्रवाई के दौरान मौके पर ही 1.34 करोड़ रुपये की आईटीसी ब्लॉक कर दी।
कागजों पर कारोबार, मौके पर फर्म गायब
जांच में शैलेष गोस्वामी की फर्म अस्तित्वहीन मिली। फर्जी दस्तावेजों से पंजीयन हासिल कर 19.14 करोड़ रुपये की आईटीसी पास ऑन किए जाने की बात सामने आई। चंदन सर्विसेज भी मौके पर कारोबार करती नहीं मिली। इस फर्म से 9.93 करोड़ रुपये की आईटीसी पास ऑन और 98.51 लाख रुपये की आईटीसी ब्लॉक की गई। रामबाग स्थित बालाजी इंटरप्राइजेज में घोषित कारोबारी स्थल पर दूसरी फर्म कारोबार करती मिली। यहां 11.50 करोड़ रुपये की आईटीसी पास ऑन और 36 लाख रुपये की आईटीसी ब्लॉक किए जाने की जानकारी मिली। वहीं न्यू ट्रेड इंटरप्राइजेज से 2.39 करोड़ रुपये की आईटीसी पास ऑन किए जाने का मामला सामने आया।
नाम किसी का, कारोबार किसी और का
जांच के दौरान कुछ ऐसे मामले भी सामने आए, जहां संबंधित लोगों को यह तक जानकारी नहीं थी कि उनके नाम पर जीएसटी पंजीयन लिया गया है। विभाग ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीयन लेकर आईटीसी के लेनदेन का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। आगे और पीछे जुड़ी फर्मों का डाटा खंगाला जा रहा है।
बोगस फर्मों पर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
अपर आयुक्त सान्या छावड़ा ने कहा कि आयरन स्क्रैप से जुड़ी बोगस फर्मों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह समेकित कार्रवाई जारी रहेगी। संगठित तरीके से कर अपवंचन करने वाले लोगों और फर्मों पर विभाग की नजर है।
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