Raebareli News: छह साल बाद आदित्य हत्याकांड का फैसला, सपा नेता आरपी यादव और सोमू ढाबा संचालक समेत 14 को उम्रकैद
सभी दोषियों पर 35-35 हजार रुपये जुर्माना
रायबरेली के चर्चित आदित्य सिंह हत्याकांड में छह साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया। सपा नेता आरपी यादव और सोमू ढाबा संचालक सुरेश यादव समेत 14 आरोपियों को उम्रकैद और 35-35 हजार रुपये जुर्माने की सजा हुई। दो आरोपी पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर बरी कर दिए गए।
रायबरेली, अमृत विचार। जिले के बहुचर्चित आदित्य सिंह हत्याकांड में करीब छह साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। सेशन जज अमित पाल सिंह की अदालत ने मंगलवार को मामले में सपा नेता और सदर विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी आरपी यादव, सोमू ढाबा संचालक सुरेश यादव समेत 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 35-35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर दो आरोपियों को बरी कर दिया गया।
2019 में घर से निकला था आदित्य, अगले दिन मिला शव
शासकीय अधिवक्ता विवेक सिंह राठौर के मुताबिक, मामले की रिपोर्ट मृतक के पिता प्रदीप कुमार सिंह ने हरचंदपुर थाने में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी प्रदीप कुमार सिंह का बेटा आदित्य प्रताप सिंह उर्फ रवि रायबरेली शहर में अपनी बुआ के यहां रहता था। 9 अक्टूबर 2019 की रात करीब 10 बजे गांव के मनीष और अजय सिंह के बुलाने पर आदित्य बाइक से घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगले दिन सुबह उसका शव गढ़ी खास स्थित एक गोदाम के पास मिला था।
ढाबे पर पीटकर हत्या करने का आरोप
मृतक के पिता की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, मनीष और अजय ने बताया था कि रात में वे रतापुर स्थित सोमू ढाबा पर खाना खाने गए थे। आरोप था कि इसी दौरान ढाबा संचालक सुरेश यादव और उसके स्टाफ ने आदित्य को लाठी-डंडों और सरिया से बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को गढ़ी खास स्थित गोदाम के पास फेंककर घटना को सड़क हादसे का रूप देने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया था।
16 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई थी चार्जशीट
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद सुरेश यादव, अर्कित यादव उर्फ सोमू यादव, रमेश यादव, रामकृष्ण यादव उर्फ आरके यादव, राम प्रताप यादव उर्फ आरपी यादव, अभितेज सिंह, गयाबक्श सिंह उर्फ दीपू, हर्षित वर्मा, अतुल तिवारी, सौरभ शर्मा, मानू कुमार बारी, लवकुश, सुमेर उर्फ रामसुमेर, झुरहा उर्फ जयचंद्र, विनोद कुमार और सचिन उर्फ पवन सोनी के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया।
दो आरोपी बरी, 14 को उम्रकैद
अदालत ने रामकृष्ण यादव और अभितेज सिंह को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। वहीं अन्य 14 आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। सभी दोषियों पर 35-35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषियों को छह-छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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