यूपी पंचायत चुनाव पर बड़ा अपडेट : नवंबर में आएगी पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट! इसके बाद शुरू होगी आरक्षण प्रक्रिया
75 जिलों में सर्वे का काम जारी, अब तक 22 जिलों का भ्रमण पूरा; अप्रैल में प्रस्तावित चुनाव टलने के बाद प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने पर छह महीने के लिए नियुक्त किए गए प्रशासक
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार है। पंचायत आरक्षण पर गठित समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग नवंबर-दिसंबर में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है। आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आयोग को प्रदेश के सभी 75 जिलों का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार करनी है। अब तक 22 जिलों का भ्रमण पूरा किया जा चुका है। शेष जिलों के सर्वेक्षण और आंकड़ों के संकलन के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। माना जा रहा है कि दिसंबर तक सरकार को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। पंचायत चुनाव अप्रैल 2026 में प्रस्तावित थे, लेकिन निर्धारित समय पर चुनाव नहीं हो सके। मई में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार ने छह माह के लिए प्रशासकों की नियुक्ति की थी। ऐसे में नवंबर तक यह अवधि पूरी होने से पहले चुनाव कराना मुश्किल माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पंचायत चुनाव को लेकर दिसंबर से पहले तस्वीर साफ होने की संभावना कम है।
इस बीच हाईकोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि प्रधान का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनके कार्यकाल में किए गए कथित कार्यों की जांच जारी रह सकती है। अब पंचायत चुनाव की आगे की प्रक्रिया आयोग की रिपोर्ट और उसके आधार पर तय होने वाले आरक्षण पर निर्भर करेगी।
यह भी पढ़ेंः आयुष्मान मरीजों के इलाज में लापरवाही पड़ी भारी! 866 अस्पतालों पर कार्रवाई, 8.53 करोड़ की पेनाल्टी
