UP News : मंडी परिषद के अफसर पर फर्जी भुगतान का आरोप, जांच में खुला 15.75 लाख का खेल; 4.29 लाख ब्याज अब भी बाकी, जानें पूरा मामला

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मंडी परिषद के संयुक्त निदेशक महेंद्र सिंह पर प्रयागराज में 15.75 लाख रुपये के कथित फर्जी भुगतान का मामला सामने आया है। विशेष सचिव टीके शिबु ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।

वीके सिंह/लखनऊ, अमृत विचारः राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के विशेष सचिव टीके शिबु ने बरेली में तैनात संयुक्त निदेशक निर्माण महेंद्र सिंह के कारनामों की जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज में बतौर उपनिदेशक (निर्णाण) तैनाती के दौरान महेंद्र सिंह ने पौने 16 लाख रुपए का फर्जी भुगतान किया था। बावजूद इसके मुख्यालय की ओर से मलाईदार पोस्टिंग मिलती रही।

महेंद्र सिंह को घोटाला की गई समस्त धनराशि ब्याज समेत मुख्यालय को वापस करने का निर्देश दिया गया था, जिसमें उन्होंने कार्रवाई के डर से मूल धनराशि वापस कर दी, लेकिन 7.30 फीसदी (4.29 लाख) की दर से देय ब्याज अभी भी बाकी है। जांच में वाराणसी, जौनपुर और आजमगढ़ में तैनाती के दौरान किए गए कारनामों का भी कच्चा चिट्ठा खुला है।

घोटाले की धनराशि विभाग को वापस, ब्याज बकाया, पोस्टिंग बरकरार.... मामले की पीडीएफ फाइल

ढाई करोड़ के फर्जी भुगतान मामले से जुड़ा था प्रकरण

गौरतलब हो कि अगस्त 2023 में प्रयागराज निर्माणखंड कार्यालय में तैनात लिपिक मंजीत सिंह पर आरोप लगा था कि उसने अपनी पत्नी, साले तथा एक दोस्त के नाम फर्में बनवाकर ढाई करोड़ रुपए का फर्जी भुगतान करा लिया है। इस मामले की जांच तत्कालीन मंडी निदेशक अंजनी सिंह द्वारा कराई गई थी। जांच हेतु गठित टीम के सदस्यों ने तत्कालीन उपनिदेशक (निर्माण) प्रयागराज रविंद्र सिंह, लेखाकार मैकूलाल, लिपिक संजीव कुमार गंगवार और लिपिक मंजीत सिंह को दोषी पाया। इस प्रकरण पर रविंद्र सिंह को निलंबित किया गया और बाद में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। जबकि मैकूलाल सेवानिवृत्त हैं। मंजीत सिंह जेल में बंद हैं।

शिकायत के बाद दोबारा हुई जांच

इसी बीच मौकूलाल ने निदेशालय को पत्र लिखकर अवगत कराया कि जांच टीम ने उक्त चारों को दोषी पाया, लेकिन असली खिलाड़ी महेंद्र सिंह ( रविंद्र सिंह के पहले उपनिदेशक निर्माण रहे) को आख्या से बाहर कर दिया। जबकि मंजीत सिंह द्वारा किया गया संपूर्ण खेल रविंद्र सिंह के पूर्व तैनात रहे महेंद्र सिंह के समय से हो रहा है।

पहले तो निदेशक अंजनी कुमार सिंह तत्कालीन डीडीसी महेंद्र सिंह को बचाते रहे, लेकिन अंजनी सिंह के स्थानांतरण के बाद नए निदेशक ने इस शिकायत की जांच पुनः कराई। नई जांच में महेंद्र सिंह द्वारा किया गया पौने 16 लाख का फर्जी भुगतान सामने आ गया, जिसपर कार्रवाई शुरू की गई और पौने 16 लाख की धनराशि मुख्यालय के खाते में जमा कराई गई। सवा चार लाख का ब्याज निर्धारित किया गया था, जो अभी महेंद्र सिंह द्वारा जमा नहीं कराई जा सकी।

मुख्य सचिव से शिकायत के बाद विशेष सचिव ने की जांच

इसी बीच मुख्यसचिव एसपी गोयल से इसी मामले की शिकायत हुई, जिसकी जांच विशेष सचिव टीके शिबू ने की। उन्होंने संपूर्ण जांच करते हुए आख्या शासन भेज दी है। महेंद्र सिंह इस समय बरेली में बतौर संयुक्त निदेशक (निर्माण) तैनात हैं। बताया जा रहा है शासन जल्द ही महेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने जा रहा है।

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