Lakhimpur News: पलिया-बेलरायां रेल लाइन की मांग तेज, दोबारा सर्वे और DPR की उठी मांग
पलिया कलां से बेलरायां तक प्रस्तावित 54 किलोमीटर नई रेल लाइन की मांग फिर तेज हो गई है। नया सवेरा तराई गांजर विकास मंच ने रेल मंत्री को ज्ञापन भेजकर दोबारा सर्वे, DPR तैयार करने और परियोजना को जल्द मंजूरी देने की मांग की है।
लखीमपुर खीरी। पलिया कलां से बेलरायां तक प्रस्तावित करीब 54 किलोमीटर नई बड़ी रेल लाइन का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के बाहर से प्रस्तावित रेल मार्ग को लेकर नया सवेरा तराई गांजर विकास मंच ने आवाज बुलंद की है। मंच के पदाधिकारियों ने केंद्रीय रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन बेलरायां रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर संजय यादव को सौंपा। ज्ञापन के जरिए प्रस्तावित रेलखंड का दोबारा सर्वे कराने, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने और परियोजना को जल्द मंजूरी देने की मांग की गई है।
54 किलोमीटर रेल लाइन का है प्रस्ताव
मंच के मुताबिक, मैलानी-नानपारा रेल प्रखंड में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के बाहर वैकल्पिक रेल मार्ग विकसित करने की योजना पहले से प्रस्तावित है। पूर्व में किए गए सर्वे के अनुसार पलिया कलां से नौगवां, मलिनिया, मझगईं, बम्हनपुर, निघासन और सिंगाही होते हुए बेलरायां तक करीब 54 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन प्रस्तावित की गई थी। इस रेलखंड में सात नए रेलवे स्टेशन बनाने और यात्रियों के लिए अन्य रेल सुविधाएं विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई थी। हालांकि, सर्वे और DPR तैयार करने की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी।
रेल मंत्री से दोबारा सर्वे कराने की मांग
विकास मंच ने मांग की है कि पलिया कलां से बेलरायां तक प्रस्तावित रेलखंड का नए सिरे से सर्वे कराया जाए। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराकर परियोजना को जल्द स्वीकृति दी जाए और निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। ज्ञापन में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरणीय महत्व का भी उल्लेख करते हुए पार्क के बाहर से वैकल्पिक रेल मार्ग विकसित करने पर जोर दिया गया है।
किसानों और कारोबारियों को मिलेगा फायदा
मंच का कहना है कि यह परियोजना सिर्फ 54 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण नहीं, बल्कि तराई-गांजर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पलिया कलां, निघासन, सिंगाही, बेलरायां और आसपास के इलाकों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और नौकरी-पेशा लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वर्षों पुरानी मांग पर गंभीरता से विचार की अपील
विकास मंच ने रेल मंत्रालय से वर्षों से चली आ रही इस मांग पर गंभीरता से विचार करने और परियोजना को गति देने की अपील की है। ज्ञापन देने वालों में रमाशंकर पांडेय, विनय जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी नारायण वर्मा, राजीव गुप्ता, विक्रम सिंह, इंद्रपाल, प्यारेलाल, रिजवान खां, धीरज कुमार, देशराज और राजेश कुमार वर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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