Bareilly News : 100 करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े में मास्टर माइंड समेत पांच गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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किला थाने में 2025 में दर्ज हुआ था मुकदमा, एसआईटी कर रही थी जांच

बरेली में 100 करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। एसआईटी ने मास्टरमाइंड सागर अग्रवाल और नेपाल में छिपे फरजान समेत 5 को गिरफ्तार किया है।

बरेली, अमृत विचार। पुलिस से बचने के लिए नेपाल में दो साल से नाम बदलकर रह रहे फरजान हाशमी को एसआईटी ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन वाले फर्जी जीएसटी सिंडिकेट के मामले में गिरफ्तार किया है। उसके साथ गैंग के मास्टरमाइंड समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई है। फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट दूसरे कारोबारियों तक पहुंचाने वाले इस नेटवर्क में फरजान मुख्य फर्म संचालक की भूमिका में था।

मंगलवार को पुलिस लाइन में हुई प्रेसवार्ता में एसपी क्राइम मनीष चंद्र सोनकर ने बताया कि किला में दर्ज जीएसटी चोरी के मामले की एसआईटी जांच कर रही थी। जांच में पता चला कि गिरोह ने कई ऐसी फर्में तैयार कर रखी थीं, जिनका वास्तविक अस्तित्व नहीं था। इन फर्मों के नाम पर कागजों में सामान की खरीद-बिक्री दिखाई जाती थी। वास्तव में माल की आपूर्ति किए बिना दूसरी फर्मों के नाम बिल काटे जाते थे। इन्हीं बिलों के आधार पर लाभार्थी फर्में इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करती थीं। इस तरह फर्जी फर्में कागजों पर आपूर्तिकर्ता बनती थीं, जबकि दूसरी फर्में फर्जी बिलों के आधार पर अपनी कर देनदारी कम करती थीं। इसके बाद बैंक खातों में रकम का लेनदेन किया जाता था और रकम निकालकर गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दी जाती थी।

एसपी क्राइम के मुताबिक पूछताछ में मुख्य आरोपी फरजान बताया कि वह और उसके साथी अब तक 80 करोड़ रुपये से अधिक की रकम अलग-अलग खातों से निकालकर आपस में बांट चुके है। वहीं, पुलिस की अब तक की जांच में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े विभिन्न बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन की जानकारी मिली है। गिरोह ने कुछ बैंक खातों का इस्तेमाल रकम को इधर-उधर करने के लिए किया था, इनमें अरहम एग्रो फूड्स का नाम सामने आया है। लाभार्थी फर्मों से रकम इन खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से रकम निकालकर बांट लिया जाता था। पुलिस इन खातों का पूरा लेनदेन खंगाल रही है। गिरफ्तार हुए आरोपियों में फरजान हाशमी निवासी 103 गरईया बड़ा बाजार, थाना किला, सागर अग्रवाल निवासी लिकर इनक्लेव कॉलोनी, कर्मचारी नगर, थाना इज्जतनगर, विनीत अरोरा निवासी ख्वाजा कुतुब, अनुज अग्रवाल निवासी खैरुल्ला गली, थाना कोतवाली, शिवम गुप्ता उर्फ लाला निवासी नीम की चढ़ाई, बड़ा बाजार, शामिल है।

फर्जी कागज तैयार की जाती थी फर्म
एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह फर्जी आधार और पैन कार्ड समेत अन्य जरूरी कागजात तैयार करके फर्में तैयार करता था। जिस व्यक्ति के नाम पर फर्म दिखाई जाती थी, उसे इसकी जानकारी तक नहीं होती थी। जांच में एफएस ट्रेडर्स, सिद्धि विनायक एंटरप्राइजेज, मां एंटरप्राइजेज, नाइट स्टार, आर्ट लाइफ हुडा, आर्ट लाइफ एसोसिएट, अरहम एग्रो फूड्स और केएच एंटरप्राइजेज समेत कई फर्मों के नाम सामने आए हैं।

डीएम कंपाउंड के सामने चल रहा था ऑफिस
फरजान हाशमी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने डीएम कंपाउंड के सामने एक बिल्ड़िग में अपना ऑफिस खोला था। ऑफिस में विनीत अरोरा, अनुज अग्रवाल के साथ वह भी बैठता था। इसी कार्यालय में बैठकर जीएसटी चोरी के कागजात तैयार किए जाते थे।

सागर अग्रवाल को बताया मुख्य सरगना
एसपी क्राइम ने बताया कि सागर अग्रवाल पूरे सिंडिकेट का मुख्य सरगना है। सागर लाभार्थी फर्मों और फर्जी आईटीसी तैयार करने वाली फर्मों के बीच मुख्य कड़ी का काम करता था। सागर फर्जी फर्म उपलब्ध कराता था। इन फर्मों से फर्जी चालान कटवाए जाते थे, और फिर बड़ी कंपनियों के बीच रकम घुमाकर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया जाता था। जांच में विनीत अरोरा, अनुज अग्रवाल और शिवम गुप्ता उर्फ लाला की भूमिका भी सामने आई है।

नेपाल में संदीप नाम से फेरी लगाता था फरजान
फरजान हाशमी ने पूछताछ में पुलिस बताया कि किला थाने में मुकदमा दर्ज होने की सूचना मिलने के बाद से वह नेपाल चला गया था। वहां उसने अपनी पहचान छिपाकर संदीप नाम से आधार और अन्य कागजात तैयार किए थे, इसके साथ ही वह वहां पर कपड़ों की फेरी लगाने की बात भी पुलिस को बता रहा है। हालांकि नेपाल में रहने के बाद भी वह फर्जीबाड़ा करने वालों के संपर्क में था। उसने बताया कि गैंग के लोग उसे हर माह नेपाल में ही उसे 10-15 हजार रुपये खर्च के लिए भेजा करते थे।

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