रत्नजड़ित पोशाक, विदेशी फूल और VR शो... कानपुर में गूंजेगा ‘नंद के आनंद भयो’, इस्कॉन में तीन दिन चलेगा भव्य जन्माष्टमी महोत्सव

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Edited By Muskan Dixit
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3 से 5 सितंबर तक जन्माष्टमी उत्सव में रत्नजड़ित पोशाक, विदेशी फूलों की सजावट और वर्चुअल रियलिटी शो होंगे आकर्षण; 400 कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

कानपुर, अमृत विचार। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इस्कॉन कानपुर में इस बार भक्ति और आधुनिक तकनीक का खास मेल देखने को मिलेगा। मंदिर परिसर में 3 से 5 सितंबर तक तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस दौरान श्री राधा माधव का विशेष रत्नजड़ित शृंगार, देश-विदेश से मंगाए गए फूलों की सजावट, वर्चुअल रियलिटी शो और करीब 400 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

विशेष शंख अभिषेक से होगा महोत्सव का आगाज

महोत्सव का शुभारंभ तीन सितंबर की शाम विशेष शंख अभिषेक से होगा। चार सितंबर को मुख्य जन्माष्टमी कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 4:30 बजे मंगल आरती से होगी। सुबह 7:30 बजे विशेष शृंगार दर्शन होंगे। इसके बाद श्रीमद्भागवत कथा, आरती और तुलसी अर्पण का क्रम चलेगा। दोपहर 12 से तीन बजे तक विशेष शंखों से भगवान का अभिषेक होगा। शाम पांच से सात बजे तक पीतल और रात आठ से 10 बजे तक चांदी के कलशों से अभिषेक किया जाएगा। इसमें सैकड़ों भक्त परिवार शामिल होंगे।

रत्नों से सजे परिधान में होंगे राधा माधव के दर्शन

भगवान राधा माधव के लिए वृंदावन के कारीगरों द्वारा बहुमूल्य रत्नों से जड़ित विशेष पोशाक तैयार की जा रही है। दिन में दो बार विशेष शृंगार होगा। थाईलैंड समेत विभिन्न देशों और कोलकाता से मंगाए गए फूलों से मंदिर परिसर को सजाया जाएगा।

आधी रात को होगा महाभिषेक और छप्पन भोग

रात 10:30 बजे से प्राकट्य महोत्सव की तैयारियां शुरू होंगी। मध्यरात्रि में महाभिषेक, छप्पन भोग और महाआरती होगी। शंखनाद और हरिनाम संकीर्तन के बीच ‘हरे कृष्ण’ महामंत्र के उद्घोष से मंदिर परिसर गूंज उठेगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।

मुंबई से आएंगे सुदामा प्रभु, सुनाएंगे कृष्ण जन्मलीला

महोत्सव में मुंबई स्थित इस्कॉन चौपाटी से आए सुदामा प्रभु भगवान श्रीकृष्ण की जन्मलीला और उनकी दिव्य कथाओं का वर्णन करेंगे। बच्चों और युवाओं को ध्यान में रखते हुए वर्चुअल रियलिटी शो भी आयोजित किया जाएगा।

इसके अलावा नृत्य, गायन, भजन, संकीर्तन और नाट्य प्रस्तुतियां भी होंगी। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में करीब 400 कलाकार हिस्सा लेंगे।

श्रद्धालुओं के लिए वाटरप्रूफ पंडाल और शटल सेवा

महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को व्यापक स्तर पर तैयार किया जा रहा है। मंदिर परिसर में विशाल वाटरप्रूफ पंडाल लगाया जाएगा। इसके साथ पार्किंग, शटल सेवा, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की जाएगी।

मंदिर अध्यक्ष प्रेम हरिनाम प्रभुजी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं से परिवार सहित जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होने का आह्वान किया गया है।

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