लखनऊ: पदोन्नति में आरक्षण को लेकर अखिलेश से मिले संघर्ष समिति के पदाधिकारी
लखनऊ, अमृत विचार। एक बार फिर से अनुसूचित जाति/जनजाति के दो लाख रिवर्ट कार्मिकों को उनका अधिकार व सम्मान दिलाने के लिए आरक्षण बचाव संघर्ष समिति ने कमर कस ली है। इसके लिए समिति की ओर से राजनीतिक दलों के प्रमुखों से मुलाकात करने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके साथ ही संघर्ष समिति …
लखनऊ, अमृत विचार। एक बार फिर से अनुसूचित जाति/जनजाति के दो लाख रिवर्ट कार्मिकों को उनका अधिकार व सम्मान दिलाने के लिए आरक्षण बचाव संघर्ष समिति ने कमर कस ली है। इसके लिए समिति की ओर से राजनीतिक दलों के प्रमुखों से मुलाकात करने का सिलसिला शुरू हो गया है।
इसके साथ ही संघर्ष समिति की ओर से पदोन्नति में आरक्षण का लम्बित बिल पास कराने व पिछड़े वर्गों के लिए भी पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था प्रदेश में बहाल कराने की कोशिश की जा रही है। रविवार को संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने इस संबंध में सपा मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने अखिलेश यादव के समक्ष यह मुद्दा उठाया कि सपा सरकार में दो लाख दलित कार्मिकों को रिवर्ट किया गया, जो बहुत ही गम्भीर मामला है। जिससे आज तक दलित कार्मिक उबर नहीं पाये। ऐसे में सबसे पहले समाजवादी पार्टी को अपनी गलती मानकर हमारे संवैधानिक अधिकारों के लिये दो टूक बात करनी पड़ेगी।
काफी लम्बी चर्चा के बाद अखिलेश यादव ने स्वीकार किया कि उनकी सरकार में कुछ गलतियां हो गयी हैं, जिसे हम सुधारेंगे। प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही सबसे पहली कैबिनेट की मीटिंग में अनुसूचित जाति/ जनजाति के लिये पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू कराते हुए रिवर्ट कार्मिकों का पूर्व तिथि से सम्मान वापस किया जायेगा और साथ ही पिछड़े वर्गों के लिये भी पदोन्नति में आरक्षण की पूर्व प्राविधानित व्यवस्था को भी बहाल कराया जायेगा।
अन्त में अखिलेश यादव ने प्रदेश के सभी दलित व पिछड़ें कार्मिकों के अधिकार के लिये हमेशा खड़े होने का संघर्ष समिति को भरोसा दिलाया। काफी सौहार्दपूर्ण माहौल में बैठक सम्पन्न हुई।
इस दौरान आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति संयोजक मण्डल अवधेश कुमार वर्मा, डा. रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, एसपी सिंह, अनिल कुमार, श्याम लाल व अन्जनी कुमार ने कहा आगे भी सभी राजनैतिक पार्टियों के अध्यक्षों से लगातार मुलाकातें जारी रहेंगी, जब तक केन्द्र की मोदी सरकार पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लोकसभा से पारित नहीं कर देती।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने एक बार फिर केन्द्र की मोदी सरकार पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि बाबा साहब द्वारा दी गयी संवैधानिक व्यवस्था आरक्षण पर केन्द्र की मोदी सरकार पिछले छह वर्षों से कुठाराघात कर रही है, जिससे पूरे देश का दलित कार्मिक आन्दोलित हैं।
