बरेली: शाहदाना में रेलवे लाइन से ढहाए अवैध निर्माण

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, बरेली। शाहदाना में वर्षों से अतिक्रमणकारियों के कब्जे में पड़ी रेलवे की जमीन से मंगलवार को अतिक्रमण ढहा दिया गया। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान के शुरू होने पर वहां पर लोगों ने जमकर विरोध किया। इससे वहां पर माहौल गरमा गया। छुटभैयों ने माहौल बिगाड़ने की पूरी कोशिश भी की। अतिक्रमणरियों से स्टे …

अमृत विचार, बरेली। शाहदाना में वर्षों से अतिक्रमणकारियों के कब्जे में पड़ी रेलवे की जमीन से मंगलवार को अतिक्रमण ढहा दिया गया। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान के शुरू होने पर वहां पर लोगों ने जमकर विरोध किया। इससे वहां पर माहौल गरमा गया। छुटभैयों ने माहौल बिगाड़ने की पूरी कोशिश भी की। अतिक्रमणरियों से स्टे लेने की भी बात कही गई, मगर पुलिस फोर्स, सीआईबी, आरपीएफ की सख्ती की वजह से अभियान के पहले दिन रेलवे लाइन के पास करीब 24 अतिक्रमणों को ध्वस्त किया गया।

बीते करीब 35 वर्षों से शाहमतगंज-शाहदाना रेलवे लाइन के पास लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। रेलवे की तरफ से लगातार नोटिस भी जारी किए गए मगर पूर्व अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत की वजह से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। यही नहीं, रेलवे की जमीन पर पक्के एवं स्थायी निर्माण भी अवैध रूप से कराए जाते रहे। मंगलवार को जब अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन और पुलिस फोर्स के साथ रेलवे की टीम पहुंची तो माहौल गरमा गया।

शुरू के कच्चे अतिक्रमणों को हटाने में कोई समस्या नहीं आई मगर टीम जैसे ही पक्के बने मकानों को ध्वस्त करने पहुंची तो छुटभैये लोग आ गए। पहले तो उन्होंने कब्रिस्तान की दीवार को तोड़ने को लेकर हंगामा मचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह कब्रिस्तान की दीवार है इसे नहीं तोड़ने देंगे। सभी दीवार के पास पहुंचकर इक्टठा होने लगे। जब सीआईबी ने उनकी वीडियो बनाने के लिए कहा तो सब भाग खड़े हुए। इसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू हुई, मगर फिर कुछ और छुटभैये वहां पर आ गए। उन्होंने मकान स्वामियों को भड़काने की कोशिश की। इस पर कुछ लोग भड़क भी गए, टीम के साथ हल्की नोकझोंक भी हुई।

पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि शाहदाना पर पटरियों इज्ज्तनगर की दायीं ओर 85 मीटर और बायीं ओर 45 मीटर तक अतिक्रमण हटना है। इस जमीन पर कुल 195 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से पहले दिन केवल 24 अतिक्रमण ही ध्वस्त हुए हैं, जिसमें 11 पक्के और 13 कच्चे निर्माण शामिल हैं। अभी यह अभियान 8 जनवरी तक चलेगा। इसके बाद भी यदि सभी अतिक्रमण ध्वस्त नहीं होते तो अभियान को बढ़ाया जा सकता है।

हाल ही में डीआरएम को मिल चुका था कोर्ट से नोटिस
नैनीताल हाईकोर्ट ने गफूर बस्ती हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर जमे अतिक्रमणकारियों के मामलों का निस्तारण नहीं करने के मामले को गंभीरता से लिया था। इसके लिए कोर्ट ने पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर के स्टेट अफसर विवेक कुमार सिंह व डीआरएम आशुतोष पंत को अवमानना नोटिस जारी किया था।

साथ ही तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद ही शाहदाना रेलवे लाइन पर अतिक्रमण कारियों को हटाने की कवायद भी तेज हो गई। इससे यह कहना गलत नहीं होगा कि कहीं बरेली में भी उत्तराखंड की गफूर बस्ती न जाए। इससे पहले ही अतिक्रमणकारियों को खदेड़ा जाने लगा।

अब अचानक से हमें कर दिया बेघर
रेलवे लाइन के आस-पास रह रहे लोगों का कहना था कि रेलवे पिछले कई वर्षों से हमें नोटिस देता रहा है। सैकड़ों नोटिस दे दिए, मगर उसके बाद कभी देखने तक को नहीं आए। न ही अतिक्रमण को ध्वस्त करने आए। अब अचानक से बिना किसी नोटिस के हमारे मकानों को ध्वस्त करने चले आए। हमें पलभर में बेघर कर दिया।

पहले बताते तो हम अपना ठिकाना देख लेते। अब अचानक से कहां जाए। लोगों ने बताया कि रेलवे ने जब-जब नोटिस दिया तब-तब उन्होंने अपने मकानों को खाली कर लिया। तब एक भी बार मकानों को नहीं ढहाया गया। आज बिना नोटिस बेघर कर दिया। ऐसे में अब अचानक से हमें कहां पर मकान मिलेगा।

संबंधित समाचार