बरेली: भ्रष्टाचार में कई दरोगा और सिपाहियों पर दर्ज हो चुके हैं मामले

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संजय शर्मा, बरेली। जिले के बीते तीन कप्तानों पर रिश्वत लेने का कोई भी आरोप नहीं लगा। लेकिन इनके कार्यकाल में इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाहियों ने जमकर मलाई काटी। लोगों ने अपनी कोठियां खड़ी कर लीं और लग्जरी कारों में घूम रहे हैं। कई लोगों ने जमीनों में अपना पैसा फंसाया, लेकिन लालच ने जब …

संजय शर्मा, बरेली। जिले के बीते तीन कप्तानों पर रिश्वत लेने का कोई भी आरोप नहीं लगा। लेकिन इनके कार्यकाल में इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाहियों ने जमकर मलाई काटी। लोगों ने अपनी कोठियां खड़ी कर लीं और लग्जरी कारों में घूम रहे हैं। कई लोगों ने जमीनों में अपना पैसा फंसाया, लेकिन लालच ने जब उन्हें लुटेरा बना दिया तो एंटी करप्शन टीम ने उन्हें ट्रैप कर और रंगे हाथों रिश्वत के साथ गिरफ्तार कर लिया। इसमें लेखपाल के साथ कई दरोगा सिपाही और होमगार्ड भी शामिल है, जिनके खिलाफ रिश्वत लेने के मामले में कार्रवाई की गई है।

पीलीभीत में यह मामला हुआ था दर्ज
बीते दो सालों में पुलिस पर बरेली पीलीभीत में कोई भी रिश्वत लेते हुए नहीं पकड़ा गया लेकिन वहां सीएमओ कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक और कनिष्ठ लिपिक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ था।

बदायूं में दो लोग रिश्वत के साथ गिरफ्तार
बदायूं में लेखाकार को वेतन विसंगति दूर करने और चकबंदी लेखपाल को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। यहां भी कोई पुलिसकर्मी रिश्वत लेने में नहीं पकड़ा गया।

शाहजहांपुर में दो गिरफ्तार
शाहजहांपुर में चकबंदी लेखपाल और ठेकेदार से रिश्वत मांगने के आरोप में लेखा सहायक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

ये हैं बरेली के भ्रष्टाचार के आरोपी
– 26 जनवरी 2018 को आंवला में लेखपाल फकीर चंद को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।
– 21 सितंबर 2019 को आंवला में ही कानूनगो ओमपाल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
– 4 अक्टूबर 2019 को भमौरा में डीपीआरओ के कनिष्ठ लिपिक प्रेमपाल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
– अलीगंज के प्रधान को जेल भेजने की धमकी देते हुए दो दरोगा, सिपाही और होमगार्ड ने सात लाख रुपये की रंगदारी ली थी। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
– कांकर टोला चौकी इंचार्ज रहे योगेश कुमार ने छेड़खानी के मामले में दस हजार रुपये रिश्वत ली थी। उसे एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ पकड़कर जेल भेज दिया था।
– सितंबर में इज्जतनगर की महिला दरोगा सरिता चौधरी ने देशद्रोह में जेल भेजने के नाम पर 30 हजार रुपये मांगे थे। ऑडियो वायरल होने पर एसएसपी ने उसे निलंबित कर दिया था।
– बरेली क्राइम ब्रांच का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें रुपयों के लेनदेन की बात चल रही थी। एसएसपी ने इसके बाद क्राइम ब्रांच भंग कर उनके खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
– कुछ समय पहले तत्कालीन भुता थाना प्रभारी, दरोगा हरिकेश ने हरियाणा में तैयार कराई गई शराब का ट्रक पकड़ा था, जिसे छोड़ने के बदले चालक से अपने परिजनों के बैंक खाते में एक लाख रुपये अधिक रुपये ट्रांसफर कराया गया था। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विवेचना की जा रही है।

रिश्वत देने वालों पर कार्रवाई की रही चर्चा
अब तक भ्रष्टाचार करते हुए रिश्वत लेने के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होना तो आम बात रही है। अब एसएसपी ने रिश्वत लेने के आरोपी दरोगा, सिपाही के साथ ही रिश्वत देने के तीन आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर दी है। रिश्वत देने के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने की चर्चा जोरों पर रही।

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