हल्द्वानी : कंडम हो चुकी बसों को नीलामी का इंतजार
हल्द्वानी,अमृत विचार। काठगोदाम डिपो में वर्षों से कंडम घोषित हो चुकी बसों की नीलामी प्रक्रिया चल रही है। स्थिति यह है कि कार्यशाला में बसों को खड़ी करने के लिए पर्याप्त जगह नही है, चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष 16 नई बसों के यहा आने से बसों को खड़ी …
हल्द्वानी,अमृत विचार। काठगोदाम डिपो में वर्षों से कंडम घोषित हो चुकी बसों की नीलामी प्रक्रिया चल रही है। स्थिति यह है कि कार्यशाला में बसों को खड़ी करने के लिए पर्याप्त जगह नही है, चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष 16 नई बसों के यहा आने से बसों को खड़ी करने में परेशानी होती है।
डिपो परिसर में 60 बसों को खड़ी करने की जगह है। जबकि 34 बसें नीलामी के लिए प्रस्तावित है जो पूर्ण रुप से कंडम हालत में है, जिससे डिपो में कॉफी जगह घिरी है। बीते लगभग दो सालों से नीलामी की प्रक्रिया जारी है। शासन स्तर द्वारा होने वाली कार्यवाई में देरी के कारण बसों की नीलामी अभी तक नही हो सकी है।
बीते वर्ष मिली 16 नई बसें
कंडम हो चुकी बसों के न चलने के कारण काठगोदाम डिपो को 16 नई बसें दी गई है। जयपुर, हरियाण, पंजाब, लखनऊ, सहित अनेक रुटों पर इन बसों को संचालित किया जा रहा है। इस वर्ष कुछ और नई बसों के मिलने की उम्मीद की जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक कंडम हो चुकी बसों की नीलामी प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है, प्रक्रिया पूरी होते ही बसों को नीलाम करा दिया जाएगा।
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कार्यशाला में होती है दिक्कतें
डिपो परिसर में जगह की कमी के कारण बसों को मोड़ने में चालकों को काफी परेशानी होती है। कई दफे पहले से खड़ी बसों को हटाना पड़ता है, इस कारण समय की भी बर्बादी होती है। बसों को व्यवस्थित ढंग से खड़ा नही होने कि स्थिती में कर्मचारियों को मरम्मत कार्य के में भी परेशान होना पड़ता है।कंडम बसों की नीलामी सें संबंधित ब्योरा लगभग तीन वर्ष पूर्व ही भेज दिया गया है।
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कार्यशाला में खड़ी बसों को जल्द ही अन्यत्र शिफ्ट कराया जाएगा, ताकि यहां का कार्य बाधित न हो। नीलामी के लिए शासन से अनुमति मिलने पर आगे की कार्यवाई की जाएगी। – यशपाल सिंह, मंडलीय प्रबंधक (संचालन)
