बरेली: 39 दिनों बाद रुविवि के प्रकोष्ठों के पदाधिकारी नियुक्त
बरेली, अमृत विचार। नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए विश्वविद्यालय ने कार्य परिषद में 11 सेल के गठन का प्रस्ताव पास किया था। सेल का गठन तो कर दिया गया लेकिन इनके पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं की गई। अब 39 महीने बाद शुक्रवार 15 जनवरी को विश्वविद्यालय ने एलुमिनाई …
बरेली, अमृत विचार। नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए विश्वविद्यालय ने कार्य परिषद में 11 सेल के गठन का प्रस्ताव पास किया था। सेल का गठन तो कर दिया गया लेकिन इनके पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं की गई। अब 39 महीने बाद शुक्रवार 15 जनवरी को विश्वविद्यालय ने एलुमिनाई एसोसिएशन, डायरेक्टोरेट ऑफ रिसर्च समेत अन्य सभी प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। सभी पदाधिकारियों को प्रकोष्ठ के आधार पर काम करने के निर्देश दिए हैं।
दैनिक ‘अमृत विचार’ ने इस संबंध में समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके अगले ही दिन सभी पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई।
विश्वविद्यालय कार्य परिषद की बैठक 8 दिसंबर 2020 को हुई थी। बैठक में शैक्षिक शोध एवं संबद्धता के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का निदेशालय, विश्वविद्यालय परामर्श नीति, पूर्व छात्र परिषद समेत कई प्रस्ताव पास हुए थे। इन सभी का मकसद छात्रों को अच्छी शिक्षा और विदेश में रहने वाले छात्रों की मदद से विश्वविद्यालय की व्यवस्था में सुधार करना था। यूजीसी ने भी एलुमिनाई कनेक्ट, इंटरनेशनल अफेयर समेत अन्य की शुरुआत करने के निर्देश दिए हैं। अब जाकर 15 जनवरी 2021 को कुलपति प्रो. केपी सिंह ने सभी 11 सेल के संचालन के लिए समन्वयक या अन्य पदाधिकारी नियुक्त कर दिए हैं। कुलसचिव डा. सुनीता पांडेय ने सभी की नियुक्ति के संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
इन्हें दी गई प्रकोष्ठों की जिम्मेदारी
– पादप विज्ञान विभाग के डा. आलोक श्रीवास्तव को पूर्व छात्र परिषद (एलुमिनाई एसोसिएशन) का सचिव बनाया गया
– व्यवसाय प्रबंधन विभाग की प्रो. तुलिका सक्सेना को परामर्श प्रकोष्ठ (कंसल्टेंसी सेल) का समन्वयक बनाया गया
– सीएसआईटी विभाग के प्रो. एसएस द्विवेदी को निदेशालय अंतर्राष्ट्रीय संबंध (डायरेक्टोरेट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन) का निदेशक बनाया गया
– डा. ओपी उपाध्याय मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग को छात्र अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रम (स्टूडेंट एक्सपेरीमेंटियल लर्निंग प्रोग्राम ) का समन्वयक और डा. हेमा वर्मा, होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को सह समन्वयक बनाया गया है
– अंग्रेजी विभाग की प्रो. सुमित्रा कुकरेती महिला अध्ययन में उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फार वूमेन स्टडीज) का समन्वयक बनाया गया
– सीआईटी विभाग के डा. बृजेश कुमार को अटल कृत्रिम बुद्धिमता केंद्र (अटल सेंटर फार आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस) का समन्वयक बनाया गया
– सीएसआईटी विभाग के प्रो. एसएस द्विवेदी को बौद्धिक सम्पदा अधिकार प्रकोष्ठ (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट सेल) का प्रभारी बनाया गया
– ई.ई. विभाग के डा. देशदीपक शर्मा को सकल जड़ नवाचार केंद्र (ग्रासरूट्स इनोवेशन सेंटर) का प्रभारी बनाया गया।
– पादप विज्ञान विभाग के प्रो. संजय गर्ग को निदेशालय सामाजिक और कॉरपोरेट संबंध (डॉयरेक्टोरेट ऑफ सोशल एंड कॉरपोरेट रिलेशंस) का निदेशक बनाया गया।
– ह्यूमिनिटीज विभाग की प्रो. आशा चौबे को बहुभाषी भाषाओं में उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फार मल्टीलेंग्वुअल स्टडीज ) का समन्वयक बनाया गया।
– भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. सुधीर कुमार को शोध निदेशालय (डायरेक्टोरेट ऑफ रिसर्च) का निदेशक, बरेली कॉलेज भौतिक विज्ञान के डा. अवनीश अग्रवाल को सह निदेशक और ईआई विभाग विश्वविद्यालय परिसर डा. संजीव त्यागी को सह निदेशक बनाया गया है।
