बरेली: पेंशन की आस में भटक रहे 26 हजार दिव्यांग
अमृत विचार, बरेली। महीनों से सरकारी मदद का इंतजार देख रहे दिव्यांगों की पेंशन इस बार सर्वर के झमेले में फंसकर गई है। वह पेंशन की आस में अफसरों के पास चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, अधिकारी बरेली समेत प्रदेश के सभी जिलों में सर्वर की दिक्कत से पेंशन जारी नहीं होने की बात कहकर …
अमृत विचार, बरेली। महीनों से सरकारी मदद का इंतजार देख रहे दिव्यांगों की पेंशन इस बार सर्वर के झमेले में फंसकर गई है। वह पेंशन की आस में अफसरों के पास चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, अधिकारी बरेली समेत प्रदेश के सभी जिलों में सर्वर की दिक्कत से पेंशन जारी नहीं होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
सरकार भले ही दिव्यांगों को तमाम तरह की सुविधाएं देने का दावा करें, लेकिन हकीकत इससे परे है। आलम यह है कि पिछले तीन महीनों से दिव्यांगों को पेंशन ही नहीं मिल पाई है। इससे कोरोना काल में परेशान दिव्यांगों की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई है। उनका कहना है सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाने पर भी उनको इस बात की जानकारी नहीं दी जा रही हैं कि पेंशन खाते में क्यों नहीं पहुंची।
जिले की बात करें तो विभागीय आंकड़ों में 6708 दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ उठा रहे हैं। सरकार की तरफ से प्रतिमाह 500 रुपये के हिसाब से हर तिमाही 1500 रुपये पेंशन दी जाती है। जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी योगेश पांडेय ने बताया सर्वर में दिक्कत की वजह से ट्रांजेक्शन स्वत: निरस्त हो गए हैं।
जिसकी वजह से बरेली समेत प्रदेश के 75 जिलों के दिव्यांगों के खाते में इस बार पेंशन नहीं पहुंच सकी है। इधर, विकास भवन के चक्कर लगा रहे दिव्यांगों की मानें तो कर्मचारियों से इस संबंध में कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय उनको टरकाने का काम किया जा रहा है। यह पेंशन अब दिव्यांगों के खाते में मार्च में आने की बात कही गई है।
