बरेली: 300 बेड अस्पताल के निर्माण के 100 करोड़ खर्च की फाइल गुम

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बरेली, अमृत विचार। सरकारी दफ्तरों से ही फाइलें गायब होने लगें तो सोचिए आमजन क्या होगा? जिले में एक ऐसा ही विभाग है, जहां बीते कुछ दिनों से एक के बाद एक फाइलें गायब होने की जानकारी सामने आ रही है। जी हां, जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधकारियों को काम करते हुए भूलने की …

बरेली, अमृत विचार। सरकारी दफ्तरों से ही फाइलें गायब होने लगें तो सोचिए आमजन क्या होगा? जिले में एक ऐसा ही विभाग है, जहां बीते कुछ दिनों से एक के बाद एक फाइलें गायब होने की जानकारी सामने आ रही है। जी हां, जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधकारियों को काम करते हुए भूलने की बीमारी हो गई। हालांकि, इस बीमारी के लिए विभागीय लोगों में ही भ्रष्टाचार की भी सुगबुगाहट भी है। आपस में चर्चा है कि फाइलें जानबूझ कर गायब हो रही हैं। अभी 300 बेड अस्पताल के निर्माण के 100 करोड़ खर्च की फाइल भी नहीं मिल पा रही है।

बीते दिनों नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार अक्टूबर, 2016 को धर्मदत्त सिटी अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। उसके बाद कब दोबारा लाइसेंस का नवीनीकरण किया गया, इसका पता नहीं चल रहा है। सीएमओ कार्यालय में इसकी फाइल भी नहीं मिल रही है। इस बाबत सीएमओ डा. एस के गर्ग ने बताया कि बाबू से पूछताछ में पता चला कि अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन संबंधी कोई अलग फाइल नहीं है। बस नाम दर्ज हैं।

बुधवार को धर्मदत्त अस्पताल संबंधी रिकॉर्ड चेक कराया जाएगा। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों की मानें तो बताया जा रहा है कि मैनुअल पंजीकरण में भ्रष्टाचार हुआ होगा। जिससे बचने के चक्कर में फाइल गायब कर दी गई। इसके अलावा ऐजाजनगर गौंटिया स्थित 300 बेड के अस्पताल में अब भ्रष्टाचार होने का मामला सामने आने के बाद इसमें भी भ्रष्टाचार की संभावना जताई जा रही है। तीन साल पहले बने 300 बेड अस्पताल के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी हुआ था।

हाल ही में अस्पताल के भवन को हैंडओवर करने की कवायद चल रही है। ऐसे में सीएमओ ने अस्पताल निर्माण से संबंधित फाइल मांगी तो कर्मचारियों में नोकझोंक भी हो गई। अब अस्पताल के लिए हुई खरीदारी की फाइल ही मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से गायब हो गई है। जिसके चलते अब कर्मचारी अस्पताल हैंडओवर होने की कवायद छोड़ कर फाइल खोजने की कवायद जारी है।

कर्मचारियों के टालमटोल से बढ़ी घपलेबाजी की आशंका
उत्तर प्रदेश के बरेली में बना 300 बेड के अस्पताल में अब भ्रष्टाचार होने का मामला सामने आने की संभावना है। तीन साल पहले बने 300 बेड अस्पताल के लिए करोड़ों का बजट जारी हुआ था। हाल ही में अस्पताल का भवन हैंडओवर करने की कवायद चल रही है। इस बीच अस्पताल के लिए हुई खरीदारी की फाइल गायब हो गई है। जिसके चलते अब कर्मचारी खोई हुई फाइल खोज रहे है।

आपस में उलझे सीएमओ कार्यालय के कर्मचारी
खोई फाइल को खोजने में जुटे सीएमओ कार्यालय के दो कर्मचारी आपस में ही उलझ गए। काफी बहस होने के बाद दोनों को शांत कराया गया। दरअसल, निर्माणाधीन 300 बेड अस्पताल में ही लाखों रुपये का सामान खरीदकर डाल दिया गया था। कुछ दिन पहले अस्पताल के भवन को निर्माण निगम से स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस बीच अस्पताल से जुड़ी फाइलों की मांग अधिकारियों ने कर दी।

300 बेड अस्पताल की फाइल गायब नहीं हुई थी, बस सारी फाइलें एक साथ रखने का विषय था। -सीएमओ डा. एसके गर्ग

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