बरेली: टोल प्लाजा से निकला ट्रक, चालान कर दिया टैंकर का
संजय शर्मा, बरेली। टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों पर किस तरह से नजर रखी जा रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टोल प्लाजा से ट्रक निकला और एआरटीओ कार्यालय से टैंकर मालिक को चालान भेज दिया गया। वहीं, जिस दिन टैंकर निकला ही नहीं उस दिन टैंकर को …
संजय शर्मा, बरेली। टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों पर किस तरह से नजर रखी जा रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टोल प्लाजा से ट्रक निकला और एआरटीओ कार्यालय से टैंकर मालिक को चालान भेज दिया गया। वहीं, जिस दिन टैंकर निकला ही नहीं उस दिन टैंकर को ओवरलोड बताते हुए एआरटीओ कार्यालय से उसका चालान जारी कर दिया गया। ऐसे तमाम लोग हैं जो एआरटीओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र की सन सिटी कॉलोनी के रहने वाले प्रकाश ट्रांसपोर्टर हैं और उनके टैंकर चलते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले उनके पास एआरटीओ ऑफिस से दो चालान आए। पहला चालान 12 जुलाई 2020 का था। वह दोहना टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर काटा गया था।
इसमें बताया गया था कि उनके वाहन ओवरलोड हैं, इसलिए उन्हें 82 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। प्रकाश ने मौके पर जाकर सीसीटीवी चेक किया तो पता चला कि जिस वाहन का चालान किया गया है वह ट्रक था जबकि प्रकाश के पास टैंकर है। ट्रक का नंबर भी गलत था। उसने यह सीसीटीवी फुटेज एआरटीओ अफसरों को दिखाई। इसके बाद भी अब तक उनके चालान को निरस्त नहीं किया गया है।
वहीं, दूसरा चालान उन्हें फतेहगंज पश्चिमी के टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर काटकर भेजा गया था। उसमें बताया गया था कि उनका टैंकर 7 अक्टूबर 2020 को टोल प्लाजा से निकला था और ओवरलोड था जबकि टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर पता चला कि टैंकर उस दिन वहां से गुजरा ही नहीं। टैंकर में ओवरलोड हो ही नहीं सकता। प्रकाश का कहना है कि ऐसे तमाम लोग एआरटीओ कार्यालय आते हैं जिन्हें इस तरह के चालान मिल रहे हैं। इससे उन लोगों को परेशानी हो रही है।
हमारे पास टोल प्लाजा से ओवरलोडिंग की सूची आती है। उसी आधार पर हम चालान कर देते हैं। एक-दो मामले ऐसे आए हैं जिनमें ट्रक का चालान किया गया लेकिन असल में वे टैंकर निकले। ऐसे वाहनों के चालान निरस्त कराने के लिए भेजा है। -जेपी गुप्ता, एआरटीओ प्रवर्तन
हर 15वें दिन टोल प्लाजा से लिस्ट भेजी जाती है। यदि किसी का गलत चालान हो गया है तो वह साक्ष्य लेकर कार्यालय में मिले। इसकी सूचना शासन को भेजी जाती है और चालान निरस्त कराया जाता है। -अनिल कुमार गुप्ता, आरटीओ
