मुरादाबाद: बहाली का आदेश मिलते ही जश्न में बदला धरना स्थल, खुशी से झूमे कर्मी
मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से निकाले गए 110 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों में से 106 कर्मचारियों के लिए रविवार का दिन खुशी लेकर आया। 21 दिन से धरना दे रहे कर्मचारियों में 106 को एमडीए की उपाध्यक्ष ने बहाल कर दिया। नौकारी बहाल होते ही धरने पर बैठे कर्मचारी व उनके परिवार की …
मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से निकाले गए 110 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों में से 106 कर्मचारियों के लिए रविवार का दिन खुशी लेकर आया। 21 दिन से धरना दे रहे कर्मचारियों में 106 को एमडीए की उपाध्यक्ष ने बहाल कर दिया। नौकारी बहाल होते ही धरने पर बैठे कर्मचारी व उनके परिवार की महिलाएं खुशी से झूम उठी। साथ ही अन्य कर्मचारी संगठनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर कर्मचारियों की नौकरी बहाल होने की बधाई दी। देखते ही देखते धरना स्थल जश्न में बदल गया।
एमडीए उपाध्यक्ष ने 26 दिसंबर को 110 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं होने की बात उनकी सेवाएं खत्म कर दी थी। इसकी जानकारी होने पर कर्मचारी संगठनों ने एमडीए के अधिकारियों से मुलाकात कर कर्मचारियों को वापस लेने की बात कही थी। लेकिन एमडीए ने शासन का हवाला देते हुए साफ इंकार कर दिया था। इसके बाद चार जनवरी से मुरादाबाद विकास प्राधिकरण कर्मचारी संयुक्त संगठन ने अन्य कर्मचारी संगठन के साथ एमडीए कार्यालय में धरना देना शुरू किया।
धरने में नौकरी से निकाले गए 110 कर्मचारियों को बहाल करने की मांग की गई। दो दिन बाद एमडीए गेट पर तैनात सुरक्षा गार्डों ने कर्मचारियों को अंदर दाखिल नहीं होने दिया। इसके बाद से कर्मचारी एमडीए कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए थे। इस बीच धरना दे रहे कर्मचारियों को अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों का सगंठन मिल गया और सभी एक मंच पर आ गए। इसके बाद कर्मचारी संगठनों ने नौकरी से निकाले गए 110 कर्मचारियों के समर्थन में आंदोलन तेज किया। बात न बनने पर 18 जनवरी से सभी विभागों में गेट मीटिंग व दो घंटे का कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।
लेकिन एमडीए अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। 21 जनवरी को सभी कर्मचारी संगठनों ने बैठक कर 22 जनवरी को जनपद के सभी सरकारी विभागों में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का ऐलान कर दिया। 22 जनवरी को सभी कर्मचारियों ने अपने-अपने विभाग में हड़ताल की और अंबेडकर पार्क में जमा होकर विरोध जताया। इस दिन शहर में कही भी कूड़ नहीं उठाया गया था। इस हड़ताल के बाद मंडलायुक्त ने 28 जनवरी को एमडीए बोर्ड की बैठक बुलाने का निर्णय लिया।
इस आश्वासन पर अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थागित कर दी गई। लेकिन एमडीए कार्यालय पर कर्मचारियों का धरना जारी रहा। रविवार को भी एमडीए कार्यालय पर कर्मचारियों का धरना जारी था। दोपहर बाद कर्मचारियों को एमडीए उपाध्यक्ष की चिट्टी मिली। जिसमें नौकरी से निकाले गए 106 कर्मचारियों को बहाल कर दिया गया। इतना सुनते ही धरना स्थल पर खुशी की लहर दौड़ पड़ी। जानकारी मिलते कर्मचारी नेता भी एमडीए पहुंच गए। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और खुशी का इजहार किया। इस दौरान कर्मचारी देशभक्ति गीतों पर नृत्य करते नजर आये।
इन संगठनों ने दिया था समर्थन
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से निकाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को बहाल कराने के लिए सभी सरकारी विभागों के कर्मचारी संगठन एक ही मंच पर आ गए थे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, नगर निगम कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ, लेखपाल संघ, विकास भवन कर्मचारी संगठन समेत अन्य संगठनों ने नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को बहाल कराने के लिए आंदोलन में अपना समर्थन दिया।
हमने सभी विभागों के संगठनों की मदद से एमडीए से निकाले गए कर्मचारियों को बहाल कराने के लिए आंदोलन शुरू किया था। हम सब की मेहनत रंग लाई और कर्मचारियों को बहाल कर दिया गया। हम आगे भी कर्मचारियों के हित की लड़ाई लड़ते रहेंगे। अन्य बचे चार कर्मचारियों को भी बहाल करने की लिए एमडीए उपाध्यक्ष से निवेदन किया जायेगा। -संदीप बडोला, अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
एमडीए ने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियम विरुद्ध निकाला था। कितने परिवार ऐसे हैं जिनका इसी नौकरी से गुजारा चल रहा है। इसलिए हम सब ने मिलकर लड़ाई लड़ी। हम सब की मेनहत रंग लाई है। कर्मचारियों की एकता की जीत हुई है। -सुब्हान अली, अध्यक्ष नगर निगम संघ
हम एमडीए उपाध्यक्ष का धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने 106 कर्मचारियों को बहाल कर दिया। साथ ही निवेदन करते हैं कि वह बाकी बचे चार कर्मचारियों को भी जल्द से जल्द बहाल कर दें। कर्मचारियों के हित में हम आगे भी लड़ाई लड़ते रहेंगे। -हेमंत चौधरी, कोषाध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
सभी संगठनों ने सहयोग दिया। कर्मचारियों को बहाल कराने के लिए हमने लगातार धरना दिया। जिसके चलते हमारी हमारी जीत हुई है। एमडीए उपाध्यक्ष के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। -संजय कुमार सत्संगी, अध्यक्ष एमडीए कर्मचारी संयुक्त संगठन
यह कर्मचारी नहीं हुए बहाल
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ने रविवार को 106 कर्मचारियों को बहाल कर दिया, लेकिन उन्होंने महिला कर्मचारी इमली देवी, नन्ही देवी, हरवती देवी और राजीव को बहाल नहीं किया है। उपाध्यक्ष ने 106 कर्मचारियों को 89 दिन के लिए बहाल किया है।
नैसर्गिक न्याय के दुष्टिगत शासन से इस संबंध में निर्देश प्राप्त होने व 25 जनवरी से 89 दिवस तक मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में 31 दिसंबर 2001 से पूर्व से कार्यरत 106 दैनिक वेतन कर्मचारियों को सेवा विस्तार की स्वकृति प्रदान की गई है। -यशु रुस्तगी, एमडीए उपाध्यक्ष
