हल्द्वानी: जीएसटी में आए दिन हो रहे बदलावों से पेशेवरों को हो रही परेशानी
हल्द्वानी,अमृत विचार। टैक्स बार एसोसिएशन ने राज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त को ज्ञापन सौंप कर जीएसटी की जटिलताएं और आए दिन हो रहे बदलावों पर आपत्ति जताई है। एसोसिएशन ने इस बाबत ज्ञापन भी सौंपा है। बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को गौला पार स्थित राज्य कर विभाग कार्यालय में संयुक्त आयुक्त पीएस डुंगरियाल व …
हल्द्वानी,अमृत विचार। टैक्स बार एसोसिएशन ने राज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त को ज्ञापन सौंप कर जीएसटी की जटिलताएं और आए दिन हो रहे बदलावों पर आपत्ति जताई है। एसोसिएशन ने इस बाबत ज्ञापन भी सौंपा है।
बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को गौला पार स्थित राज्य कर विभाग कार्यालय में संयुक्त आयुक्त पीएस डुंगरियाल व एसआईबी प्रवर्तन के संयुक्त आयुक्त डीएस नबियाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि आए दिन जीएसटी पोर्टल में बदलाव हो जाता है। इस वजह से टैक्स से जुड़े पेशेवरों को परेशानी हो रही है। वहीं पेशेवर, व्यापारी समय से अपडेट भी नहीं हो पाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस वजह से ई वे बिल वगैरह बनाने में परेशानी होती है। वहीं मामूली त्रुटि हे पर जीएसटी मोबाइल टीम तो ऑडिट टीम भारी जुर्माना लगाती है जो कि सरासर गलत है। उन्होंने इस कार्यप्रणाली में सुधार करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में अध्यक्ष आरपी फुलारा, सुशील तिवारी, एनके जोशी, कमल सडाना, राकेश अग्रवाल, जेपी शर्मा, संजय पांडे, सुमित गुप्ता, दिनेश पांडे, अजय डुंगराकोटी, नरेंद्र आहूजा, जगदीश दुम्का, जसदीप आहूजा, भूपेंद्र सिंह आदि शामिल थे।
ये भी उठाई मांगें
जीएसटी आर 3 बी और जीएसटी आर 1 को एक बार रिवाइज करने का मौका दिया जाए
जीएसटी वर्ष 2019-20 की ऑडिट अवधि 31 मार्च तक बढ़ाई जाए
धारा 86 बी के अंतर्गत टीसीएस की लिमिट 50 लाख रुपये थोपी गई है जोकि अनुचित है इसमें संशोधन किया जाए
मामूली त्रुटि होने पर जीएसटी मोबाइल की ओर से किए जा रहे भारी जुर्माने पर रोक लगाई जाए
