बरेली कॉलेज के हॉकी मैदान में एस्ट्रोटर्फ भी बनेगा

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। बरेली कॉलेज के हॉकी मैदान में एक बार फिर से खिलाड़ी गोल मारते दिखेंगे। कॉलेज के छात्रों के साथ-साथ शहर के खिलाड़ियों की भी प्रतिभा निखारी जाएगी। खेलो इंडिया के तहत मैदान को विकसित किया जाएगा और भविष्य में यहां एस्ट्रोटर्फ भी बिछाई जाएगी। इसके बाद टूर्नामेंट भी आयोजित कराए जाएंगे। साई …

अमृत विचार, बरेली। बरेली कॉलेज के हॉकी मैदान में एक बार फिर से खिलाड़ी गोल मारते दिखेंगे। कॉलेज के छात्रों के साथ-साथ शहर के खिलाड़ियों की भी प्रतिभा निखारी जाएगी। खेलो इंडिया के तहत मैदान को विकसित किया जाएगा और भविष्य में यहां एस्ट्रोटर्फ भी बिछाई जाएगी। इसके बाद टूर्नामेंट भी आयोजित कराए जाएंगे।

साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के प्रस्ताव के बाद बरेली कॉलेज के प्राचार्य डा. अनुराग मोहन ने मैदान को विकसित करने की सहमति दे दी है और पत्र भी साई को भेज दिया है। प्राचार्य का कहना है कि इससे कॉलेज के छात्रों के साथ-साथ शहर के युवाओं को भी हॉकी खेलने का मौका मिलेगा।

बता दें कि बरेली कॉलेज में खेल के दो मैदान हैं। एक मैदान क्रिकेट और फुटबाल के लिए तो दूसरा हॉकी के लिए बना था। क्रिकेट मैदान तो ठीक है। यहां छात्र खेलते भी हैं लेकिन हॉकी मैदान करीब 20 साल से बेकार पड़ा है। 10 साल से अधिक समय से इस पर हॉकी खेली ही नहीं गई है। मैदान पर झाड़ियां उग गई हैं।

महाविद्यालय प्रशासन ने कई बार जीर्णोद्वार भी किया लेकिन खेल न होने की वजह से यह पूरी तरह से खराब हो गया। कुछ दिनों पहले स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने बरेली कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात कर मैदान को खेलो इंडिया प्रोग्राम के तहत विकसित करने का प्रस्ताव रखा था।

प्राचार्य ने इस पर हामी भरी थी तो साई की टीम ने मैदान का निरीक्षण किया था। कॉलेज के मैदान को हॉकी के मानकों के अनुरूप पाया गया। इसकी रिपोर्ट लखनऊ भी भेजी गई थी। लखनऊ से अनुमति मिलने के बाद से इस मैदान को विकसित करने पर सहमति बन गई।
प्राचार्य ने बताया कि साई मैदान का जीर्णोद्धार करेगा। इसके लिए सबसे पहले 5 लाख रुपये मिलेंगे। धीरे-धीरे इसे ठीक किया जाएगा।

उसके बाद इसे साई के सुपुर्द कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कॉलेज के छात्रों को मुफ्त में प्रशिक्षण व खेलने की अनुमति दी जाएगी। बाहर के खिलाड़ियों को भी खेलने का मौका दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोच या तो कॉलेज या फिर साई की तरफ से रखा जाएगा। पहले भी कॉलेज में साई का सेंटर था लेकिन बाद में खिलाड़ियों की कम संख्या की वजह से सेंटर खत्म कर दिया गया था।

खेलो इंडिया के निर्धारित मानक के अनुसार कम से कम 30 खिलाड़ियों की जरूरत होती है। इनमें 15 पुरुष और 15 महिला खिलाड़ी शामिल होते हैं। बरेली कॉलेज में सबसे अधिक छात्र पढ़ते हैं। ऐसे में यहां खिलाड़ियों को चुनने में कोई दिक्कत नहीं होगी। प्राचार्य ने बताया कि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही एस्ट्रोटर्फ भी लगाया जाएगा।

मौजूदा समय में साई स्पोर्ट्स स्टेडियम में एस्टोटर्फ मैदान है। इसमें कृत्रिम घास उगाई गई है। इस मैदान पर दिन और रात दोनों समय मैच हो जाते हैं। कोरोना की वजह से साई स्टेडियम में अभ्यास बंद था लेकिन अब खिलाड़ी फिर से अभ्यास करने लगे हैं।

खेलो इंडिया के तहत साई बरेली कॉलेज के हाकी मैदान का जीर्णोद्धार करेगा। भविष्य में एस्ट्रोटर्फ भी बिछाने की तैयारी है। कॉलेज के छात्रों और शहर के युवाओं को इसका लाभ मिलेगा। -डा. अनुराग मोहन, प्राचार्य

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