लोकतंत्र को मजबूत बनाना सभी दलों की जिम्मेदारी: राजनाथ

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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के सदस्यों से सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चलने देने का आग्रह करते हुए कहा है कि हमारा लोकतंत्र मजबूत है और इसको स्वस्थ बनाए रखने की जिम्मेदारी सभी दलों के नेताओं की है। हमारे संविधान ने देश के लोकतंत्र को मजबूत करने की …

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के सदस्यों से सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चलने देने का आग्रह करते हुए कहा है कि हमारा लोकतंत्र मजबूत है और इसको स्वस्थ बनाए रखने की जिम्मेदारी सभी दलों के नेताओं की है। हमारे संविधान ने देश के लोकतंत्र को मजबूत करने की व्यवस्था है।

लोकतंत्र स्वस्थ और मजबूत बना रहे इसके लिए पहले से परंपराएं चली आ रही हैं। हर बार आम चुनाव के बाद राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हैं और नये साल पर भी इसी तरह की परंपरा का निर्वहन किया जाता रहा है। संसद की कार्यवाही शुरू होती है तो साल की शुरुआत में राष्ट्रपति दोनों सदनों को संबोधित करते हैं और इस बार भी उसी परंपरा का निर्वहन किया गया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष व्यक्ति नहीं बल्कि संस्था है और यही संस्थाएं हमारी स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। इस बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में चर्चा पूरी हो चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चर्चा का जवाब भी दे चुके हैं लेकिन लोकसभा में इस पर अभी चर्चा शुरू नहीं हुई है।

इस प्रस्ताव पर चर्चा कराने की परंपरा है और यह परंपरा टूटनी नहीं चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा “संसद की परंपरा कायम रहे यह किसी एक दल की नहीं बल्कि सभी दलों के सदस्यों की जिम्मेदारी है। मैं जानता हूं कि व्यक्तिगत स्तर पर सभी सदस्य चाहते भी हैं कि यह परंपरा टूटनी नहीं चाहिए इसलिए मेरा सभी दलों के सदस्यों से राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर शांतिपूर्वक और लोकतंत्र की परंपरा के अनुरूप चर्चा करने देने और उसमें हिस्सा लेने का अनुरोध है।”

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सदन की कार्यवाही ठप करने के लिए सरकार जिम्मेदार है। उनका कहना था कि विपक्षी दल किसानों के मुद्दे पर 3,4 घंटे की चर्चा चाहते थे लेकिन उनकी मांग को अनसुना किया गया। उनका कहना था कि किसान बदहाल है और महीनों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं जिन्हें देखते हुए चुप्प नहीं रहा जा सकता है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के उपनेता राजनाथ सिंह का आभार जताया कि उन्होंने सदस्यों से सदन चलाने का आग्रह किया और उनके आग्रह को सभी सदस्यों ने मान लिया। उन्होंने कहा कि सदस्यों को चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए ताकि संसद में मंथन से देश के मुद्दों का हल निकले और देशवासियों का कल्याण हो। राजनाथ सिंह के आग्रह के बाद लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा आरंभ हो गयी।

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