बरेली: बन्नूवाल कॉलोनी की सड़क मरम्मत पर भाजपा पार्षदों में छिड़ी जंग

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अमृत विचार, बरेली। शहर की बन्नूवाल कालोनी की 258 लाख रुपये की एक सड़क की मरम्मत को लेकर भाजपा के पार्षदों के बीच घमासान छिड़ गया है। भाजपा के एक पार्षद के खिलाफ दूसरे पार्षद ने मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कालोनी और पार्षद के आवास पर विरोध प्रदर्शन किया है। वहीं, दूसरे पक्ष के …

अमृत विचार, बरेली। शहर की बन्नूवाल कालोनी की 258 लाख रुपये की एक सड़क की मरम्मत को लेकर भाजपा के पार्षदों के बीच घमासान छिड़ गया है। भाजपा के एक पार्षद के खिलाफ दूसरे पार्षद ने मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कालोनी और पार्षद के आवास पर विरोध प्रदर्शन किया है।

वहीं, दूसरे पक्ष के भाजपा के ही पार्षदों ने अवैध रूप से सड़क निर्माण कराने की शिकायत नोडल अधिकारी से की थी। इस मामले को लेकर भाजपा पार्षद आपस में ही भिड़ गए हैं और सड़क पर उतर आए हैं। एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

सोमवार को वार्ड नम्बर 3 के भाजपा पार्षद अनुपम चमन और उनके पति चमन सक्सेना सहित बन्नूवाल आवास संघर्ष समिति के बैनर तले काफी संख्या में लोगों ने भाजपा पार्षद दीपक सक्सेना के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि दीपक सक्सेना विकास विरोधी हैं।

कालोनी की सड़क की मरम्मत का विरोध कर रहे हैं। उनके आवास पर भी लोगों ने जाकर विरोध जताया है। इस सड़क की मरम्मत के कार्य का टेंडर प्रकाशित हुआ था। सड़क मरम्मत की शिकायत दीपक सक्सेना, भाजपा के पार्षद सतीश कातिब मम्मा, शशि सक्सेना, अभिषेक सक्सेना ने नोडल अधिकारी नवनीत सहगल से की थी।

इसमें बताया गया था कि नगर निगम सड़क मरम्मत के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। कालोनी बीडीए ने अवैध घोषित कर दी है। मामला तूल पकड़ने पर जांच बैठ गई और कार्य रोक दिया गया। प्रस्ताव निरस्त करने के लिए बीडीए ने पत्र भी नगर निगम को भेज दिया। इसे लेकर अब भाजपा पार्षदों ने आपस में ही एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

घोटाले की पोल खोलने के कारण हमें विकास विरोधी कहा जा रहा है। कुछ विरोधी राजनीतिक द्वेषवश लोगों को गुमराह कर रहे हैं। इस मामले की जांच हो रही है। सड़क के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला नहीं होने दिया जाएगा। –दीपक सक्सेना, पार्षद

मैं 73 वर्ष का हूं, शुगर एवं दिल का मरीज हूं। सोमवार की दोपहर में 15-20 लोग मेरे घर पर मेरे बेटे दीपक सक्सेना के मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए आए। मेरा बेटा आज बरेली से बाहर गया हुआ था। मेरा बेटा एक ईमानदार जनप्रतिनिधि है और लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाता रहा है जिससे गलत कार्य करने वाले उससे दुश्मनी करने लगे हैं। आज भ्रष्टाचार करने वालों की शह पर ही मेरे घर पर उन्मादियों की भीड़ ने आकर घेराव किया है। भीड़ की चेतावनी से हमारा परिवार जिसमें मेरे साथ बहू और छोटे-छोटे बच्चे बहुत भयभीत हैं। मैं अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हूं। -बृजेन्द्र बाबू सक्सेना, पार्षद के पिता

दीपक सक्सेना विकास विरोधी हैं। अगर बन्नूवाल कालोनी अवैध है तो इसमें लोगों का क्या गुनाह है। शहर में बहुत सी ऐसी कालोनियां हैं जो अवैध हैं। वहां कार्य बहुत पहले हो चुका है। भाजपा की सरकार सबका विकास चाहती है। इसके लिए मेयर से मुलाकात कर समस्या के बारे में बताया जाएगा। -अनुपम चमन, पार्षद

नियम विरुद्ध कार्य करना बड़े घोटाले का संकेत देता है। शिकायत करने के कारण विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। विकास के लिए हम सभी को साथ चलना होगा लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वित्तीय अनियमितता की जाए। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। -सतीश चंद्र सक्सेना कातिब मम्मा, पार्षद

भाजपा केवल दिखावे के लिए अनुशासन वाली पार्टी है। आपस में ही पार्षदों की खींचतान चल रही है। इससे शहर का विकास प्रभावित हो रहा है। छोटे, बड़े कार्य जनहित के होने चाहिए। कार्य न होने से लोग काफी दुखी है। -राजेश अग्रवाल, सपा पार्षद दल के नेता

बन्नूवाल कालोनी के प्रकरण के बारे में दोनों पक्षों को बुलाकर समन्वय स्थापित करने का कार्य किया जाएगा। एक-दूसरे का विकास के नाम पर सहयोग करना चाहिए। कोई भी पार्षद अपने वार्ड के अलावा दूसरे वार्ड में जाकर कार्यों में रोक-टोक न करे। इससे विकास बाधित होगा। दोनों एक ही दल के पार्षद हैं। इसके कारण मेरा दायित्व है कि दोनों पक्षों के साथ बैठक कर मामले को शांत करा दूं। अगर गड़बड़ है तो उसकी जांच हो जाएगी। -डा. उमेश गौतम, मेयर

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