बरेली: एक ओर रास्ता बंद, दूसरी तरफ बना रही सड़क, बीच में फंसा स्कूल

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। भूमिगत ट्रंक सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदने से शहर के हाल खराब हो गए हैं। सड़कों की अव्यवस्था के बीच बुधवार से कक्षा छह से आठ तक के स्कूल भी खुल रहे हैं। ऐसे में बच्चों को दुश्वारियों से होकर गुजरना पड़ेगा। कई स्थानों पर ऐसी स्थिति है कि तीन …

अमृत विचार, बरेली। भूमिगत ट्रंक सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदने से शहर के हाल खराब हो गए हैं। सड़कों की अव्यवस्था के बीच बुधवार से कक्षा छह से आठ तक के स्कूल भी खुल रहे हैं। ऐसे में बच्चों को दुश्वारियों से होकर गुजरना पड़ेगा। कई स्थानों पर ऐसी स्थिति है कि तीन पहिया वाहनों से भी बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच सकेंगे। पैदल निकलना भी मुश्किल है।

बिहारीपुर क्षेत्र में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पास वाली सड़क का निर्माण हो रहा है। ठेकेदार ने एक तरफ बल्लियां लगाकर रास्ता पूर्णत: बंद कर दिया है। कूदकर भी कोई नहीं निकल सकता है। दूसरी ओर से सड़क बनाई जा रही है। ऐसी स्थिति में बच्चे किस तरह से विद्यालय पहुंच सकेंगे, इसको लेकर बच्चों के अभिभावक भी परेशान हैं।

गली में रहने वाले लोग पहले से ही दिक्कतें झेल रहे हैं। इस्लामियां गर्ल्स इंटर कॉलेज गेट पर भी गंदा पानी भरा है। गेट पर पानी कहां से आ रहा है, इसको लेकर कोई कुछ नहीं बता रहा है। नगर निगम भी सफाई के नाम पर खानापूरी कर रहा है लेकिन छात्राओं को दिक्कतें झेलते हुए वहां से निकलना पड़ रहा है। साथ ही कालीबाड़ी रोड, चौपुला रोड, पटेल चौक, गांधी उद्यान रोड पर ऐसी स्थिति है कि स्कूली बच्चों को लेकर न तो टेंपो निकल पाएगा और न ही ई-रिक्शा। चालक निकलने का प्रयास करेगा तो हादसा हो सकता है क्योंकि सड़क ऊबड़-खाबड़ है। आसपास के लोगों ने बताया कि कई दिनों से सड़क उखड़ी पड़ी थी। पत्थर बिछाने से दिक्कतें हो रही थीं। सड़क बनने से राहत मिलेगी लेकिन अचानक स्कूल खोलने के आदेश से बच्चों को आने-जाने में बड़ी दिक्कतें होंगी।

कालीबाड़ी रोड पर पत्थर बिछाए जाने के बावजूद जल निगम की कार्यदायी संस्था ने सड़क पर गहरे गड्ढे खोद दिए।

कालीबाड़ी रोड पर फिर तीन जगह खोदी सड़क
कालीबाड़ी रोड पर सीवर लाइन का कार्य हो चुका है। यह बात जल निगम ने जनवरी में कही थी। इसके बाद सड़क पर पत्थर भी बिछा दिया लेकिन लापरवाही से कार्य करने की वजह से कार्यदायी संस्था ने फिर कालीबाड़ी रोड पर तीन जगहों पर गहरे-गहरे गड्ढे खोद दिए। इस दौरान पेयजल लाइन कट गई। पत्थर बिछने के बाद जो सड़क कुछ चलने के लायक हुई उस पर फिर से गड्ढे हो गए। कालीबाड़ी क्षेत्र के लोग इस व्यवस्था से परेशान हो चुके हैं।

बियावानी कोठी के पास खतरे में जान डालकर निकल रहे वाहन चालक।

जान जोखिम में डाल गहरे गड्ढे के बगल से निकल रहे राहगीर
गांधी उद्यान से बियावानी कोठी तक सीवर लाइन डालने की वजह से रास्ता बंद है। रास्ता बंद होने के बावजूद बाइक सवार खुदी सड़क के पास से जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने दोनों ओर बैरियर भी लगा रखे हैं लेकिन कभी बैरियर हटाकर एक तरफ से बाइक सवारों को निकलने दिया जाता है तो कभी रास्ते को बंद कर दिया जाता है। खुदाई के दौरान पतली सड़क से गुजरना लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में यातायात पुलिस को सख्ती बरतनी चाहिए।

सेटेलाइट चौराहा पर बसों व ऑटो की वजह से लगा जाम।

सीवर लाइन की वजह से जगह-जगह लगा जाम
गांधी उद्यान से बियावानी कोठी तक बंद किए गए रास्ते की वजह से लोगों की दिक्कतें बढ़ती ही जा रही हैं। ट्रैफिक के बढ़ते दबाव की वजह से अब लोगों को अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। सेटेलाइट से बियावानी कोठी होकर जाने वालों को कैंट से गांधी उद्यान वाले रास्ते पर नहीं मोड़ा जा रहा है बल्कि उन्हें आगे गुजारा जा रहा है। इसकी वजह से लोग अक्षर विहार के आगे से आईजी ऑफिस व सर्किट हाउस होकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। कैंट के मोड़ पर गांधी उद्यान की ओर से आने वाले वाहनों को ही बियावानी कोठी की तरफ जाने दिया जा रहा है। यहां रोडवेज बस या अन्य किसी भारी वाहन के आने से जाम लग रहा है।

मंगलवार को भी कई बार जाम लगा। इसके बाद आगे रास्ते पर वाहन चालक तो चले जाते हैं लेकिन रास्ता न पता होने की वजह से उन्हें दिक्कत होती है। रोडवेज बसें अक्षर विहार मोड़ के पास फंस जाती हैं। ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी भी अब अलग-अलग प्वाइंट पर लगायी जा रही है। डायवर्जन की वजह से गांधी उद्यान से चौकी चौराहा, गांधी उद्यान से कैंट, गांधी उद्यान से विकास भवन रोड पर जाम लग रहा है। इसके अलावा श्यामगंज फ्लाईओवर पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया है।

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