बरेली: एलन क्लब का वजूद खत्म, बरेली ऑफिसर्स क्लब पंजीकृत, नई कमेटी बनी
बरेली, अमृत विचार। अंग्रेजों के शासन काल में बनाए गए यूनियन एलन क्लब का वजूद खत्म हो गया। इसका नाम बदलकर अब बरेली ऑफिसर्स क्लब हो गया। नए क्लब का ऑनलाइन पंजीयन भी करा लिया गया लेकिन अभी मैनुअल सर्टिफिकेट नहीं मिला। इस क्लब पर अब पूर्णत: अधिकारियों का कब्जा हो गया। अधिकारियों ने नई …
बरेली, अमृत विचार। अंग्रेजों के शासन काल में बनाए गए यूनियन एलन क्लब का वजूद खत्म हो गया। इसका नाम बदलकर अब बरेली ऑफिसर्स क्लब हो गया। नए क्लब का ऑनलाइन पंजीयन भी करा लिया गया लेकिन अभी मैनुअल सर्टिफिकेट नहीं मिला। इस क्लब पर अब पूर्णत: अधिकारियों का कब्जा हो गया। अधिकारियों ने नई कमेटी भी बना ली है। पुरानी कमेटी के एक भी पदाधिकारी को नई कमेटी में स्थान नहीं दिया गया है। हालांकि, अभी नई कमेटी की घोषणा नहीं की गई है।
कलेक्ट्रेट के सूत्रों के अनुसार, बरेली ऑफिसर्स क्लब के अध्यक्ष मंडलायुक्त बनाए गए हैं जबकि जिलाधिकारी उपाध्यक्ष रहेंगे। नगर आयुक्त को सचिव बनाया गया है। क्लब के कोष का जिम्मा मुख्य कोषाधिकारी को दिया गया है। साथ ही अपर जिलाधिकारी नगर संयुक्त सचिव बनाए गए हैं। इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्यों में बीडीए उपाध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर नगर आयुक्त, नगर मजिस्ट्रेट व एक अन्य अधिकारी को शामिल किया गया है।
सूत्रों ने बताया कि पूर्व एलन क्लब की कमेटी के पदाधिकारियों को बतौर सदस्य शामिल किया जा सकता है। इस पर मंथन चल रहा है। क्लब की कमेटी घोषित करने के लिए सभी अधिकारी कार्ययोजना बना रहे हैं। कमेटी घोषित होने के बाद क्लब शुरू कराया जाएगा। उसमें गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। सबसे पहले क्लब का बोर्ड बदलेगा। मुख्य गेट पर बरेली ऑफिसर्स क्लब का बोर्ड लगेगा। क्लब को संचालित कराकर राजस्व बढ़ाने के विकल्प पर भी चर्चा की गई। क्लब को शादी समारोह, धार्मिक समेत अन्य कार्यक्रमों के लिये किराये पर भी उठाया जायेगा।
बता दें कि जिलाधिकारी नितीश कुमार ने कुछ माह पूर्व क्लब का बरेली ऑफिसर्स क्लब नाम फाइनल करके फाइल तैयार कराई थी। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय ने बायलॉज तैयार कराया है। इसके बाद सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स कार्यालय में ऑनलाइन पंजीयन कराया गया है। यह क्लब नगर निगम कार्यालय के पास है।
पूंजीपतियों का खत्म हो गया अधिकार
एलन यूनियन क्लब की कमेटी भंग होने के साथ क्लब को नया नाम भी मिल गया। पुरानी कमेटी से शहर के कई पूंजीपति और बड़े कारोबारी जुड़े हुये थे लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का कब्जा होने के बाद क्लब से पूंजीपतियों का अधिकार खत्म हो गया। क्लब पर अब पूरा अधिकार अधिकारियों का रहेगा।
1931 में क्लब को लीज पर मिली थी भूमि
अंग्रेजी हुकूमत में वर्ष 1931 में एलन क्लब के लिए भूमि 30 साल की लीज पर दी गई थी। इसके बाद 1998 में लीज अवधि खत्म हो गई थी। पुरानी कमेटी ने नवीनीकरण नहीं कराया गया। कमिश्नर के निर्देश पर तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने एलन क्लब को सीज करा दिया। शासन से लीज पट्टा रद करा दिया। अब क्लब की संपत्ति पर प्रशासन का मालिकाना हक है। नगर निगम केयर टेकर बना है।
