मुलायम-अखिलेश को मोदी का विकल्प बनाने की थी तमन्ना: शिवपाल
इटावा। समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) का गठन कर लोकसभा चुनाव मे किस्मत आजमा चुके शिवपाल सिंह यादव का दावा है कि वह तो देश भर के सभी समाजवादियो को एक करके नेता जी (मुलायम सिंह यादव) अथवा अखिलेश यादव को नरेंद्र मोदी का विकल्प बनाना चाहते थे। रविवार को इटावा …
इटावा। समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) का गठन कर लोकसभा चुनाव मे किस्मत आजमा चुके शिवपाल सिंह यादव का दावा है कि वह तो देश भर के सभी समाजवादियो को एक करके नेता जी (मुलायम सिंह यादव) अथवा अखिलेश यादव को नरेंद्र मोदी का विकल्प बनाना चाहते थे।
रविवार को इटावा में चैगुर्जी स्थित आवास पर कहा “ अगर देश भर के सभी समाजवादी एक साथ हो जाते तो आज कम से कम तीन सूबों में समाजवादियों की मजबूत सरकार हो सकती थी लेकिन अड़चन डालने वाले कुछ लोग थे जो आज भी उसी रास्ते पर हैं।
उन्होने कहा “अब तो हमने अपनी पार्टी बना ली है और संघर्ष के रास्ते पर निकल चुके हैं। सारे प्रदेश में हमारा संगठन मजबूती के साथ खड़ा हुआ है।” प्रसपा अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति में नेता हो या फिर कार्यकर्ता उसकी जुबान की अहमियत होती है हालांकि कुछ लोग परिवार एक न हो, इसके लिये ही बयान देते हैं।
मैने तो तभी अखिलेश यादव को अपना नेता स्वीकार कर लिया था और जो कुछ करना चाहता था,वह नेताजी और उनके लिये ही था। लेकिन उस मंच पर जो कुछ हुआ और उसके बाद आज तक परिवार को एक होने से कौन रोक रहा है यह अब किसी से छिपा नहीं है।”
देश में बिखरे हुये समाजवादी परिवार को एक करने के लिये सबसे पहले मैने ही पहल की थी और तब नीतीश कुमार, एचडी दैवगौडा,शरद यादव,ओमप्रकाश चौटाला का पूरा परिवार,लालू यादव, कमल मोरारका, अजीत सिंह, अंसारी बंधु तक समाजवादी पार्टी में विलय के लिये तैयार हो गये थे। इन सबने मुलायम सिंह यादव को अपना नेता मान लिया था। अगर यह सब हो जाता तो नेताजी देश के सामने भाजपा का विकल्प बन सकते थे लेकिन इसे तुड़वाने का सूत्रधार कौन था। यह सभी जानते हैं।
